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Rajat Patidar Wedding Postponed for ipl: मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहने के बाद शादी तय कर चुके रजत पाटीदार ने आरसीबी से बुलावा आने पर ऐन वक्त पर अपना विवाह टाल दिया था. किस्मत का वह फैसला आज इतिहास बन चुका है. साल 2026 में आरसीबी के कप्तान बन चुके रजत न सिर्फ बल्ले से आग उगल रहे हैं, बल्कि अपनी टीम को लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन बनाने से महज एक जीत दूर हैं. मंडप छोड़ मैदान का रुख करने वाले रजत की यह कहानी अविश्वसनीय है.
रजत पाटीदार ने आईपीएल में खेलने के लिए अपनी शादी कैंसिल कर दी थी.
कहानी की शुरुआत होती है साल 2021 से. रजत पाटीदार (Rajat Patidar) को आरसीबी ने अपनी टीम में शामिल तो किया और उन्हें डेब्यू का मौका भी मिला, लेकिन वह प्रदर्शन नहीं कर पाए जिसकी उम्मीद फ्रेंचाइजी को थी. नतीजा यह हुआ कि आरसीबी ने उन्हें रिलीज कर दिया. निराशा के बादल तब और गहरे हो गए जब मेगा ऑक्शन 2022 में किसी भी टीम ने इस मध्य प्रदेश के बल्लेबाज पर भरोसा नहीं जताया. रजत ‘अनसोल्ड’ रहे. एक क्रिकेटर के लिए मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहना करियर पर ब्रेक लगने जैसा होता है. रजत ने भी मान लिया कि शायद क्रिकेट के सफर में अभी थोड़ा ठहराव है. उन्होंने अपने परिवार की इच्छा का सम्मान करते हुए शादी के लिए हामी भर दी.
रजत पाटीदार ने आईपीएल में खेलने के लिए अपनी शादी कैंसिल कर दी थी.
बंट चुके थे कार्ड, तय हो चुका था होटल
रजत की रजामंदी मिलते ही इंदौर में उनके घर पर शहनाइयों की गूंज की तैयारियां शुरू हो गईं. पिता मनोहर पाटीदार ने रतलाम की एक लड़की से रजत का रिश्ता तय कर दिया. शादी की तारीख निकली 9 मई 2022. तैयारियां जोरों पर थीं, मैरिज गार्डन और होटल बुक हो चुके थे, रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांटे जा चुके थे और घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे. रजत भी अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने की मानसिक तैयारी कर चुके थे. लेकिन, कुदरत के खाते में इस खिलाड़ी के लिए कुछ और ही स्क्रिप्ट लिखी थी.
एक फोन कॉल और बदल गई जिंदगी की बाजी
शादी के चंद दिनों पहले आरसीबी के कैंप से एक फोन आता है. टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज लवनीत सिसोदिया चोटिल हो चुके थे और आरसीबी को उनके रिप्लेसमेंट की तलाश थी. आरसीबी प्रबंधन की नजरें घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे रजत पाटीदार पर टिकीं. उन्हें 20 लाख की बेस प्राइस पर टीम में शामिल होने का बुलावा आया. अब रजत के सामने जीवन का सबसे बड़ा धर्मसंकट था. एक तरफ दूल्हे का सेहरा था, सामाजिक जिम्मेदारी थी और दूसरी तरफ क्रिकेट का वह सपना जिसके लिए उन्होंने बचपन से पसीना बहाया था. रजत ने एक पल की भी देरी किए बिना क्रिकेट को चुना. उन्होंने अपने परिवार से बात की और 9 मई को होने वाली अपनी शादी को स्थगित (कैंसिल) करने का एक बड़ा और साहसिक फैसला लिया.
मैदान पर उतरते ही रचा इतिहास
शादी टालकर जब रजत पाटीदार आरसीबी के कैंप में पहुंचे, तो उनके कंधों पर खुद को साबित करने का भारी दबाव था. यह मौका उनके लिए ‘करो या मरो’ जैसा था. और फिर आया साल 2022 का वह ऐतिहासिक एलिमिनेटर मुकाबला. लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ आरसीबी की टीम संकट में थी. ऐसे समय में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे रजत पाटीदार ने वो किया जो आईपीएल के इतिहास में कभी नहीं हुआ था.
उन्होंने महज 49 गेंदों में 112 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेलकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. इस ताबड़तोड़ शतक के दम पर आरसीबी ने न सिर्फ मैच जीता, बल्कि रजत आईपीएल प्लेऑफ के इतिहास में शतक जड़ने वाले पहले ‘अनकैप्ड’ खिलाड़ी बन गए. रातों-रात रजत पाटीदार भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बन चुके थे. उनके पिता मनोहर पाटीदार ने बाद में एक इंटरव्यू में गर्व से इस बात का खुलासा किया था कि कैसे उनके बेटे ने आरसीबी के बुलावे पर शादी का मंडप छोड़, मैदान का रुख किया था.
एक ‘अनसोल्ड’ खिलाड़ी से ‘चैंपियन कप्तान’ बनने का सफर
समय का पहिया घूमा और आरसीबी ने रजत की इस काबिलियत को न सिर्फ पहचाना बल्कि उन्हें अपना भविष्य माना. साल 2023 में उन्हें रिटेन किया गया और फिर आया उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मुकाम. जिस खिलाड़ी को कभी रिप्लेसमेंट के तौर पर 20 लाख में टीम में जगह मिली थी, आज वही रजत पाटीदार रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान हैं.मौजूदा आईपीएल में रजत 14 मैचों में 486 रन बना चुके हैं. जिसमें 5 अर्धशतक हैं.
कप्तान और मुख्य बल्लेबाज
आज आईपीएल 2026 में रजत पाटीदार अपनी टीम को फ्रंट से लीड कर रहे हैं. उनके बल्ले से निकले 486 रन और कप्तानी की सूझबूझ के दम पर आरसीबी एक बार फिर फाइनल में पहुंच चुकी है. आरसीबी लगातार दूसरी बार आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी उठाने से महज एक जीत दूर है. पिछली बार भी रजत की ही कप्तानी में आरसीबी ने अपना पहला खिताब जीता था और इस बार वे इतिहास को दोहराने की दहलीज पर खड़े हैं. रजत पाटीदार की यह कहानी हर उस युवा के लिए एक मिसाल है जो मुश्किल वक्त में हार मान लेता है. यह कहानी सिखाती है कि अगर आप अपने खेल और अपने सपनों के प्रति ईमानदार हैं, तो किस्मत भी आपके लिए अपने फैसले बदल देती है. शादी के मंडप से आरसीबी की कप्तानी और लगातार दो बार फाइनल का यह सफर क्रिकेट जगत के सबसे खूबसूरत अध्यायों में हमेशा सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगा.
About the Author
कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें
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