पशुपालन विभाग की ओर से संचालित इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को छह बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी. योजना की कुल लागत करीब 60 हजार रुपये निर्धारित की गई है,इसमें लाभार्थी को केवल 10 प्रतिशत यानी लगभग 6 हजार रुपये का अंशदान देना होगा, जबकि बाकी 90 प्रतिशत राशि विभाग की ओर से दी जाएगी.विभाग का मानना है कि बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ने वाला व्यवसाय है और इससे कम समय में अच्छी आमदनी का लाभ ले सकते है.
90% सरकार देगी अनुदान
बता दे कि पशुपालन विभाग की ओर से संचालित इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को छह बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी. योजना की कुल लागत करीब 60 हजार रुपये निर्धारित की गई है,इसमें लाभार्थी को केवल 10 प्रतिशत यानी लगभग 6 हजार रुपये का अंशदान देना होगा, जबकि बाकी 90 प्रतिशत राशि विभाग की ओर से दी जाएगी.विभाग का मानना है कि बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ने वाला व्यवसाय है और इससे कम समय में अच्छी आमदनी का लाभ ले सकते है.
30 मई होगी अंतिम तारीख
वही इस संबंध में पशु उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा अनुदान 15 के अंतर्गत बकरी पालन योजना चलाई जा रही है.उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य जिले के गरीब, बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है. लाभार्थी को केवल 6 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जमा करने होंगे, जबकि बाकी धनराशि विभाग उपलब्ध कराएगा. योजना का लाभ लेने के लिए जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है.उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक और बैंक खाते में 6 हजार रुपये की राशि होना जरूरी है.विभाग की ओर से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पात्र लाभार्थियों का चयन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया जाएगा, योजना की अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित की गई है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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