Image Slider

होमताजा खबरदेशअचानक गायब हो जाएंगी हिमालय की पुरानी नदियां, नए रास्तों से आकर मचाएंगी तबाही!

Last Updated:

Himalayan Rivers Changing Course: हिमालय की नदियां तेजी से अपना रास्ता बदल रही हैं. एक नई रिसर्च के मुताबिक 1980 से 2020 के बीच नदियों के रास्ता बदलने की रफ्तार 33% बढ़ गई है. इसके पीछे का मुख्य कारण तेजी से पिघलते ग्लेशियर और ग्लोबल वॉर्मिंग है. नदियों के इस बदलते स्वभाव से भारत सहित एशिया के कई देशों के करोड़ों लोगों पर बाढ़, पानी के संकट और तबाही का खतरा मंडरा रहा है.

अचानक गायब हो जाएंगी हिमालय की पुरानी नदियां, नए रास्तों से आकर मचाएंगी तबाही!Zoom

हिमालय की नदियां बदल रही हैं रास्ता, भारत समेत एशिया की बड़ी आबादी पर मंडराया खतरा.

नई दिल्ली: हिमालय के ग्लेशियर बहुत तेजी से पिघल रहे हैं. इस वजह से एशिया की सबसे जरूरी नदियां खतरनाक तरीके से अस्थिर हो रही हैं. यह नदियां इतनी तेजी से अपना रास्ता बदल रही हैं कि वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है. इतिहास में पहली बार नदियों में इस तरह का बदलाव देखा जा रहा है. इस बदलाव के कारण आसपास रहने वाले लोगों, खेती और सरकारी प्रोजेक्ट्स पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है. एक नई रिसर्च में यह दावा किया गया है कि अगर इसे समय रहते नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में भयंकर तबाही आ सकती है. साइंटिस्ट्स के मुताबिक दक्षिण और पूर्वी एशिया के करोड़ों लोग इन नदियों पर निर्भर हैं. यह नदियां पीने के पानी, सिंचाई और बिजली बनाने का मुख्य जरिया हैं.

बीजिंग की चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ जियोसाइंसेज के प्रोफेसर चेंगशान वांग और डॉक्टर झोंगपेंग हान ने इस रिसर्च का नेतृत्व किया है. उनके साथ सिचुआन यूनिवर्सिटी के डॉक्टर लिन झिपेंग भी शामिल थे. इस टीम ने 1980 से 2020 तक के सैटेलाइट डेटा और जमीनी हकीकत का बारीकी से अध्ययन किया है. 40 साल की इस स्टडी के बाद जो नतीजे सामने आए हैं, वे बेहद डराने वाले हैं.

नदियों के रास्ता बदलने की रफ्तार अचानक क्यों बढ़ गई है?

नदियों का रास्ता बदलना एक नेचुरल प्रोसेस है. नदियां समय के साथ मुड़ती हैं और अपने किनारों को काटती हैं. लेकिन हिमालय के क्षेत्र में यह सामान्य प्रक्रिया अब बहुत तेज हो चुकी है.

कई जगहों पर नदियां अचानक एक धारा से कई धाराओं में बंट रही हैं. नदियों का यह व्यवहार पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा आक्रामक हो गया है.

ग्लोबल वॉर्मिंग और ग्लेशियर पिघलने का इस पर क्या असर हो रहा है?

1980 के दशक के बाद से हिमालय का तापमान पूरी दुनिया के औसत तापमान से दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है. इस गर्मी की वजह से नदियां दो तरीकों से अस्थिर हो रही हैं.

About the Author

authorimg

दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||