Image Slider

भोपाल16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पेट्रोलियम कंपनियों ने 9 दिन के भीतर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दी है। शनिवार को पेट्रोल की कीमत 87 पैसे और डीजल की कीमत 91 पैसे प्रतिलीटर बढ़ाई गई है। इसके चलते मध्य प्रदेश में पेट्रोल 1 रुपए या इससे ज्यादा महंगा हुआ है।

अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 111.71 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इंदौर में 111.85 रुपए, जबलपुर में 112.18 रुपए, ग्वालियर में 111.63 रुपए और उज्जैन में पेट्रोल 112.10 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

वहीं, भोपाल में डीजल के नए रेट 96.85 रुपए, इंदौर में 96.92 रुपए, जबलपुर में 97.32 रुपए, ग्वालियर में 96.80 रुपए और उज्जैन में 97.21 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

अब तक तीन बार बढ़े दाम

इस महीने मध्य प्रदेश समेत देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम तीन बार बढ़ाए जा चुके हैं। 15 मई को पहली बार करीब 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी की गई। 19 मई को दूसरी बार करीब 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। आज की बढ़ोतरी के बाद मई में पेट्रोल-डीजल के दाम कुल मिलाकर करीब ₹5 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं:

1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है।

2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है।

3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है।

4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है।

5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जाती

2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था

सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं ।

पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

यह खबर भी पढ़ें…

एमपी में पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी, कंपनियों की सख्ती; दावा- शॉर्टेज नहीं, बढ़ी डिमांड से ड्राय हो रहे पेट्रोल पंप

मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती मांग को देखते हुए तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों की निगरानी और कड़ी कर दी है। कंपनियों ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी ग्राहक को एक बार में 5 हजार रुपए से अधिक का पेट्रोल या 10 हजार रुपए से ज्यादा का डीजल दिया जाता है, तो पंप संचालक को इसकी पूरी जानकारी देनी होगी कि ईंधन किसे और किस उद्देश्य से दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||