Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम अब सड़कों के गड्ढों और जलभराव की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करेगा. इसके लिए सेंसर और एआई कैमरों से लैस 20 विशेष गाड़ियां शहर की सड़कों पर दौड़ेंगी, जो छोटे से छोटे गड्ढे, दरार और जलभराव का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेंगी. इस आधुनिक तकनीक से सड़कों की मरम्मत में पारदर्शिता आएगी और सबसे ज्यादा खराब सड़कों पर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू किया जा सकेगा.
गाजियाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गड्ढों और खराब सड़कों का सर्वे कराने के लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा. अभी तक सड़क खराब होने की जानकारी मुख्य रूप से अधिकारियों के निरीक्षण और लोगों की शिकायतों के आधार पर मिलती थी. लेकिन अब एआई तकनीक के जरिए पूरे शहर की सड़कों का डिजिटल सर्वे कराया जाएगा.इससे यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि किस सड़क पर कितने गड्ढे हैं, कौन-सी सड़क सबसे ज्यादा खराब है और किन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या अधिक रहती है.
20 गाड़ियों पर लगेंगे व्हीकल माउंटेड एआई कैमरे
इस योजना के तहत शुरुआत में 20 गाड़ियों पर व्हीकल माउंटेड एआई कैमरे लगाए जाएंगे. ये गाड़ियां शहर की सड़कों पर घूमकर कैमरों और सेंसर की मदद से गड्ढों, दरारों, जलभराव और खराब स्ट्रीट लाइट तक की जानकारी रिकॉर्ड करेंगी. सर्वे के दौरान सड़क की चौड़ाई, गड्ढों की संख्या, उनकी गहराई और खराब हिस्सों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा. यह डेटा सीधे सॉफ्टवेयर और एआई सिस्टम में जाएगा, जहां उसका गहन विश्लेषण किया जाएगा.
खतरे के हिसाब से तय होगी मरम्मत की प्राथमिकता
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक एआई सिस्टम यह तय करेगा कि कौन-सा गड्ढा ज्यादा खतरनाक है और किस सड़क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. इसी आधार पर सड़क निर्माण और मरम्मत की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी. इससे उन इलाकों में पहले काम कराया जा सकेगा जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा रहती है और दुर्घटना का खतरा अधिक होता है. निगम का दावा है कि इस तकनीक से सड़क मरम्मत कार्यों में पूरी पारदर्शिता आएगी.
सफल प्रयोग के बाद पूरे शहर में बढ़ेगा दायरा
अगर यह प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में अन्य नगर निगम वाहनों पर भी अलग-अलग तरह के स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे. ये गाड़ियां शहर के व्यस्त इलाकों, बाजारों और ट्रांस हिंडन क्षेत्र की सड़कों की लगातार निगरानी करेंगी. निगम का मानना है कि मानसून से पहले यह सर्वे शुरू होने पर जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान करने में भी बड़ी मदद मिलेगी. इससे बरसात के दौरान लोगों को होने वाली परेशानी कम करने और समय रहते मरम्मत कार्य कराने में आसानी होगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
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