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-पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, 25 मई तक किए जा सकेंगे आवेदन
-देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप और भांग की दुकानों का होगा ई-लॉटरी से आवंटन
-नई आबकारी व्यवस्था से राजस्व बढ़ेगा और प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी: डॉ. आदर्श सिंह

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आबकारी ई-लॉटरी के पंचम चरण की प्रक्रिया गुरुवार से प्रारम्भ कर दी है। प्रदेश में देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप एवं भांग की अवशेष और नवसृजित कुल 552 फुटकर दुकानों के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए गए हैं। आबकारी विभाग द्वारा जारी नई व्यवस्था के अंतर्गत इच्छुक आवेदक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट आबकारी ई-लॉटरी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी, ताकि आवंटन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की संभावना न रहे। डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार आबकारी व्यवस्था में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि ई-लॉटरी प्रणाली लागू होने के बाद प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक निष्पक्ष, सरल और पारदर्शी हुई है। इसका लाभ सीधे तौर पर आम आवेदकों को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि पंचम चरण में प्रदेशभर की 552 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें देशी शराब की दुकानें, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप और भांग की दुकानें शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे किसी भी व्यक्ति को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि आवेदन करने और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 25 मई 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि सभी इच्छुक आवेदक आवेदन करने से पहले विभागीय नियमों और शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन अवश्य करें। आवेदन से संबंधित सभी आवश्यक दिशा-निर्देश और विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट तथा आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन और लॉटरी प्रक्रिया को इस प्रकार तैयार किया गया है कि किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश न्यूनतम रहे। इससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों सुनिश्चित होंगी। डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना ही नहीं, बल्कि आबकारी व्यवस्था को आधुनिक और जनहितकारी बनाना भी है। नई व्यवस्था से प्रक्रिया अधिक सुगम और सरल होगी, जिससे छोटे और नए आवेदकों को भी समान अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि ई-लॉटरी प्रणाली से भ्रष्टाचार और सिफारिश जैसी शिकायतों पर भी प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ई-लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी विभागीय स्तर पर की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो।

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले चरणों में ई-लॉटरी व्यवस्था को अच्छा प्रतिसाद मिला है। बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर प्रक्रिया में भागीदारी की थी। विभाग का मानना है कि नई तकनीक आधारित यह व्यवस्था भविष्य में आबकारी प्रणाली को और अधिक मजबूत करेगी। ऑनलाइन ई-लॉटरी प्रणाली लागू होने से विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व संग्रह में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी। साथ ही यह व्यवस्था आम लोगों के लिए समय और संसाधनों की बचत का माध्यम भी बनेगी। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या बिचौलियों से बचें। उन्होंने कहा कि विभाग पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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