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-तीन गुना कीमत तक पहुंचे प्लॉट, निवेशकों की जबरदस्त भागीदारी
-आवासीय से लेकर व्यावसायिक और मेडिकल भूखंडों पर लगी ऊंची बोलियां
-नीलामी से मिले फंड से शहर में तेज होंगे विकास कार्य और आधारभूत सुविधाएं

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा रिक्त संपत्तियों के बेहतर उपयोग और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित नीलामी में निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बुधवार को लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित नीलामी में आवासीय और व्यावसायिक समेत कुल 18 भूखंडों की बिक्री हुई, जिससे जीडीए को लगभग 155.15 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होगी। कई भूखंड निर्धारित दर से दो से तीन गुना अधिक कीमत पर बिके, जिसने रियल एस्टेट बाजार में गाजियाबाद की बढ़ती मांग को फिर साबित कर दिया। जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संपन्न कराई गई। नीलामी में अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी कनिका कौशिक, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सुबह 11 बजे से शुरू हुई प्रक्रिया में बड़ी संख्या में निवेशकों और डेवलपर्स ने भाग लिया।
नीलामी के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा कौशांबी योजना के आवासीय भूखंड की रही, जो निर्धारित दर से लगभग तीन गुना अधिक कीमत पर बिका। वहीं इंदिरापुरम योजना में कन्वीनियेंट शॉपिंग भूखंड और दुकान भूखंड भी निर्धारित मूल्य से लगभग दोगुने दाम पर बिके। अधिकारियों के अनुसार यह शहर में रियल एस्टेट की मजबूत स्थिति और निवेशकों के भरोसे का संकेत है।

अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जीडीए की विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 220 भूखंड नीलामी के लिए सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें आवासीय, व्यावसायिक, ग्रुप हाउसिंग, नर्सिंग होम, डिस्पेंसरी और कन्वीनियेंट शॉपिंग प्लॉट शामिल थे। इनमें से 18 भूखंडों की सफल बिक्री हुई और कई पर प्रतिस्पर्धात्मक बोली लगी। कोयल एन्क्लेव योजना के दो ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की नीलामी से जीडीए को सर्वाधिक 110.26 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। कौशांबी योजना पॉकेट-ए के आवासीय भूखंड से 11.46 करोड़ रुपये की आय हुई। वैशाली सेक्टर-3 योजना में नर्सिंग होम के लिए निर्धारित भूखंड 12.88 करोड़ रुपये में बिका। इंदिरापुरम न्यायखंड-3 के कन्वीनियेंट शॉपिंग भूखंड से 36 करोड़ रुपये तथा ज्ञानखंड-3 योजना के दुकान भूखंड से 6.52 करोड़ रुपये की बोली लगी।

इसके अतिरिक्त प्रताप विहार योजना के डिस्पेंसरी भूखंड से 4.09 करोड़ रुपये, इंद्रप्रस्थ योजना पॉकेट-एच के व्यावसायिक भूखंड से 4.83 करोड़ रुपये, आंबेडकर रोड डिस्ट्रिक्ट सेंटर योजना के भूखंड से 3.86 करोड़ रुपये तथा संजयनगर सेक्टर-23 की रिक्त भूमि से 55 लाख रुपये की आय हुई। अधिकारियों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ती आबादी, बेहतर कनेक्टिविटी और एनसीआर क्षेत्र में गाजियाबाद की मजबूत स्थिति के कारण निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। खासकर इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी जैसे विकसित क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके चलते इन इलाकों के प्लॉटों की मांग काफी अधिक रही।

जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र ने बताया कि नीलामी पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कराई गई। उन्होंने कहा कि नीलामी से प्राप्त राजस्व को शहर की आगामी विकास परियोजनाओं, सड़क निर्माण, सीवर और जल निकासी व्यवस्था, हरित क्षेत्र विकास तथा नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जीडीए भविष्य में भी रिक्त संपत्तियों की चरणबद्ध नीलामी करेगा ताकि अनुपयोगी जमीनों का बेहतर उपयोग हो सके और शहर के विकास कार्यों को वित्तीय मजबूती मिले। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में आधारभूत संरचना विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। नीलामी के सफल आयोजन से यह साफ हो गया है कि गाजियाबाद में रियल एस्टेट बाजार लगातार मजबूत हो रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ता जा रहा है। जीडीए को मिली 155 करोड़ रुपये से अधिक की आय न केवल प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि शहर के समग्र विकास को भी नई गति देगी।

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