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होमताजा खबरकृषिआ गया किसानों का स्वर्णिम समय, अभी बना लें यह योजना, बागवानी से बनेंगे लखपति

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Gardening Tips: श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के एचओडी प्रो. अशोक कुमार सिंह के अनुसार जो किसान बागवानी कर रहे है या करने की सोच रहे है उनके लिए यह समय बेहद अनुकूल है. किसान आम, लीची, अमरूद, श्रीफल, जामुन या आंवला जैसे किसी भी फलदार पौधे की बागवानी करना चाहे तो सबसे पहले एक बेहतर योजना तैयार करें.

बलिया: बागवानी के जरिए लखपति बनने का सपना अब किसानों के लिए पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय बागवानी की शुरुआत करने के लिए बेहद उपयुक्त है. इस मौसम में लगाए गए पौधे तेजी से बढ़ते है और आगे चलकर बेहतर गुणवत्ता के साथ अधिक उत्पादन देते है. बीच-बीच में आने वाली समस्याओं का समाधान भी अपेक्षाकृत सरल है. थोड़ी सी देखरेख और सही योजना के साथ किसान अपना सपना साकार कर सकते है.

श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के एचओडी प्रो. अशोक कुमार सिंह के अनुसार जो किसान बागवानी कर रहे है या करने की सोच रहे है उनके लिए यह समय बेहद अनुकूल है. किसान आम, लीची, अमरूद, श्रीफल, जामुन या आंवला जैसे किसी भी फलदार पौधे की बागवानी करना चाहे तो सबसे पहले एक बेहतर योजना तैयार करें. वे मिश्रित बागवानी भी अपना सकते हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के फलदार वृक्ष एक साथ लगाए जाएं.

इसके लिए अभी से लगभग 2.5 फीट गहरा, 2 फीट चौड़ा और 2 फीट लंबा गड्ढा तैयार कर लें. ध्यान रहे कि पौधरोपण तय दूरी पर ही किया जाए. जैसे आम के पौधों के बीच 3-3 मीटर, बेल के लिए 4 मीटर और जामुन के लिए 5 मीटर की दूरी पर गड्ढे खुदवाएं. गड्ढे तैयार करने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए धूप लगने दें. पहली बरसात होते ही प्रत्येक गड्ढे में कम से कम 2 टोकरी सड़ी गोबर की खाद मिलाएं और फिर अच्छी प्रजाति के पौधे लगाएं.

प्रो. सिंह ने बताया कि बलिया जनपद में पेड़-पौधों में दीमक की समस्या आमतौर पर देखी जाती है. इससे बचाव के लिए दानेदार कीटनाशक का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल किया जा सकता है. बाजार में उपलब्ध फ्यूराडान (Furadan) या फोरेट (Phorate) नामक कीटनाशक की मात्र 1 ग्राम मात्रा दीमक नियंत्रण के लिए पर्याप्त मानी जाती है. इसके अलावा, इन दिनों पौधों में स्पाइडर माइट्स (Spider mites) और मिलीबग (Mealybugs) की समस्या भी तेजी से सामने आ रही है, जो सफेद कीड़ों के रूप में पौधों की वृद्धि रोक देते है.

इन कीटों से बचाव के लिए किसी उपयुक्त दवा का छिड़काव करें या 1 पाउच शैंपू को 1 लीटर पानी में घोलकर पौधों पर स्प्रे करें. इस तरह की सावधानियों और उचित देखभाल के साथ किसान बागवानी से अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं. प्रो. सिंह का कहना है कि इस समय जो किसान लापरवाह रहते हैं, वे बड़ा मौका गंवा देते हैं, इसलिए समय रहते जागरूक होकर बिना देर किए बागवानी की तैयारी में जुट जाना चाहिए.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें

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