- कमिश्नरेट के सभी थानों व कार्यालयों में चला विशेष स्वच्छता अभियान, अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
- थाना निवाड़ी में डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने किया नेतृत्व, पुलिस टीम के साथ झाड़ू लगाकर दिया प्रेरक संदेश
- ‘स्वच्छ थाना-सुरक्षित समाज’ की सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास, पुलिस-जन सहयोग पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में रविवार को स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। जिले के सभी थानों, पुलिस कार्यालयों तथा पुलिस परिसरों में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने सामूहिक श्रमदान करते हुए साफ-सफाई की और स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया। अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे अनुशासन, जिम्मेदारी और जनजागरूकता का प्रभावी उदाहरण बना दिया। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ के निर्देशन में आयोजित इस विशेष अभियान का उद्देश्य ‘स्वच्छ थाना, सुरक्षित समाज’ की अवधारणा को व्यवहार में उतारना रहा। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने परिसर में झाड़ू लगाई, कूड़ा-कचरा हटाया, कार्यालय कक्षों को व्यवस्थित किया तथा पौधों की देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। ग्रामीण जोन में पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी की सक्रिय कार्यशैली विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रही। थाना निवाड़ी में उन्होंने स्वयं अभियान का नेतृत्व करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ श्रमदान किया। डीसीपी ग्रामीण ने केवल निर्देश देने तक भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि टीम के साथ मिलकर सफाई अभियान में भाग लेकर नेतृत्व का व्यवहारिक उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी इस पहल से पुलिसकर्मियों में उत्साह दिखाई दिया और पूरा थाना परिसर अनुशासन व ऊर्जा से भर गया।
अभियान के दौरान एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा सहित थाना पुलिस की पूरी टीम मौजूद रही। कार्यालय कक्षों, बैरकों, परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों की व्यापक सफाई कराई गई। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ कार्यस्थल पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाता है और जनता में सकारात्मक विश्वास पैदा करता है। उन्होंने नियमित स्वच्छता बनाए रखने तथा कार्यालयों को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए। तिवारी की कार्यशैली का प्रमुख पहलू टीम भावना और सहभागिता आधारित नेतृत्व माना जा रहा है। अभियान के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से संवाद स्थापित कर यह स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर अपनाई जाने वाली आदत है। उन्होंने कहा कि पुलिस जब स्वयं अनुशासन और स्वच्छता का उदाहरण प्रस्तुत करती है तो समाज पर उसका सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं नगर और ट्रांस हिंडन जोन में भी वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान चलाया गया।
अधिकारियों और जवानों ने एक टीम के रूप में कार्य करते हुए यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने कहा कि सुरक्षित समाज की मजबूत नींव स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण से ही तैयार होती है। उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट स्तर पर समय-समय पर ऐसे अभियान आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भी स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया और संदेश दिया कि साफ-सुथरा वातावरण सामाजिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और सकारात्मक जीवनशैली का आधार है।
स्वच्छता अभियान ने यह साबित किया कि जब नेतृत्व सक्रिय और प्रेरणादायी हो तो प्रशासनिक गतिविधियां जनभागीदारी का रूप ले लेती हैं। विशेष रूप से डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी की मैदान में उतरकर कार्य करने वाली शैली ने पुलिस व्यवस्था की सकारात्मक छवि को मजबूत किया और पुलिस-जन संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हुई। कमिश्नरेट गाजियाबाद की यह पहल न केवल स्वच्छता का संदेश देने में सफल रही, बल्कि पुलिस संगठन के भीतर अनुशासन, सामूहिकता और जिम्मेदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान करती दिखाई दी।
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