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Shankaracharya Sabha Bees Attack News: अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सभा में अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया. इससे अफरा तफरी मच गई. बिगड़ते हालात को देखते हुए कार्यक्रम तय समय से पहले ही समाप्त कर दिया.

शंकराचार्य की सभा में मधुमक्खियों का हमला, अफरा-तफरी के बीच बोले- अच्छी बात...Zoom

ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती.

वाराणसी: ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आजकल काफी चर्चाओं में हैं. कभी बटुकों के शोषण के आरोप की वजह से तो कभी सीएम योगी पर हमला बोलने के लिए. मगर, आज वो नहीं उनकी सभा सोशल मीडिया पर छा गई. दरअसल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की सभा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया. लोग इधर-उधर भागने लगे. जब बिगड़ते हालात देखे तो कार्यक्रम तय समय से पहले ही समाप्त कर दिया गया.

जब मधुमक्खियों का हमला हुआ तो शंकराचार्य ने लोगों से कहा कि कुछ लोगों को अच्छी चीज अच्छी नहीं लगती, इसलिए किसी ने छत्ते को कुरेद दिया होगा. आप लोग पत्थर की मूरत की तरह बैठे रहें यह मधुमक्खी कुछ नहीं करेंगी. इस दौरान उन्होंने सभी को संकल्प दिलाया कि वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए अभियान में जुड़ेंगे.

गौरतलब है, शंकराचार्य गविष्ठी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत वाराणसी के रोहनिया में शंकराचार्य ने सभा रखी थी. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे. यह यात्रा गौ रक्षा संकल्प के अंतर्गत निकाली जा रही है, जिसका उद्देश्य गौवंश संरक्षण तथा गौमाता को राष्ट्रमाता और राज्यमाता घोषित कराने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना बताया गया है.

इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौमाता पशु नहीं बल्कि धर्म, संस्कृति और सृष्टि की पोषिका और आधारशिला के रूप में देखा गया है. गौमाता अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही हैं. गौमाता के प्राणों की रक्षा के लिए जितना यत्न भारत में हुआ अगर उतना प्रयास पाकिस्तान में भी होता तो वहां भी गौमाता के प्राणों की रक्षा सुनिश्चित कर उनको राष्ट्रमाता घोषित किया जाये.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

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