बॉलीवुड के ‘बादशाह’ शाहरुख खान के करियर की शुरुआत अक्सर ‘दीवाना’ या ‘बाजीगर’ से जुड़ी होती है. हालांकि, उनके स्ट्रगल के दिनों में एक ऐसी फिल्म बनी थी जिसे इंटरनेशनल लेवल पर तारीफ मिली, लेकिन वह कभी बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हुई. 1992 की फिल्म ‘इडियट’ शाहरुख के शुरुआती प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसमें उन्होंने अपनी जानी-पहचानी रोमांटिक इमेज से हटकर एक कॉम्प्लेक्स और गहरा किरदार निभाया. मशहूर डायरेक्टर मणि कौल के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म एक अवॉर्ड-विनिंग मास्टरपीस बनी थी. मूवी लवर्स के लिए शाहरुख की यह फिल्म फ्री में इंटरनेट पर भी उपलब्ध है.
नई दिल्ली. शाहरुख खान आज बॉलीवुड में ग्लोबली सबसे बड़ा ब्रांड हैं. उनकी सक्सेस स्टोरीज तो जानी मानी हैं, लेकिन उनके करियर के शुरुआती दिनों में कुछ फिल्में ऐसी भी थीं जिन्होंने कमर्शियल सक्सेस के बजाय आर्टिस्टिक ऊंचाइयां हासिल कीं. 1992 की फिल्म ‘इडियट’ उनमें से एक है. यह फिल्म उस समय की है जब शाहरुख खान एक टीवी एक्टर से फिल्म स्टार बनने की कगार पर थे. यह न सिर्फ उनकी एक्टिंग की वर्सेटिलिटी दिखाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि शाहरुख खान हमेशा मसाला फिल्मों में बिजी नहीं रहते थे. ‘इडियट’ को मशहूर फिल्ममेकर मणि कौल ने डायरेक्ट किया था, जिन्हें इंडियन पैरेलल सिनेमा का एक अहम पिलर माना जाता है. यह फिल्म दुनिया भर में मशहूर रशियन लेखक फ्योदोर डार्डोव्स्की के टाइमलेस नॉवेल ‘द इडियट’ पर आधारित थी. नॉवेल एक ऐसे आदमी की कहानी बताता है, जिसे उसकी सादगी, ईमानदारी और अच्छाई की वजह से समाज ‘मूर्ख’ या ‘इडियट’ कहता है.
मणि कौल ने इस रशियन सेटिंग को इंडियन कॉन्टेक्स्ट में ढालने की कोशिश की और उस समय के उभरते हुए एक्टर शाहरुख खान को लीड रोल के लिए कास्ट किया. शाहरुख खान ने ‘प्रिंस मिश्किन’ से इंस्पायर्ड एक कैरेक्टर निभाया, जिसे मिर्गी है. फिल्म की स्क्रिप्ट और प्रेजेंटेशन इतनी गहरी थी कि इसने उस समय के सिनेमाई स्टैंडर्ड को चैलेंज किया. यह हैरानी की बात है कि आज के सबसे बड़े सुपरस्टार में से एक की फिल्म कभी थिएटर में रिलीज क्यों नहीं हुई. इसका मुख्य कारण इसका फॉर्मेट था. ‘इडियट’ असल में दूरदर्शन के लिए चार पार्ट की मिनी सीरीज के तौर पर बनाई गई थी. बाद में इसे एडिट करके एक फीचर फिल्म बनाया गया और फिल्म फेस्टिवल में भेजा गया.
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उस समय डिस्ट्रीब्यूटर्स को लगा कि फिल्म बहुत ज्यादा ‘आर्टिस्टिक’ है और इसमें वे कमर्शियल एलिमेंट्स (गाने, डांस, एक्शन) नहीं हैं, जो 90 के दशक में भारतीय दर्शकों को पसंद आते थे. इसी वजह से फिल्म को कमर्शियल रिलीज नहीं किया गया. हालांकि, इसने 1993 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट फिल्म (क्रिटिक्स) का अवॉर्ड जीतकर सबको हैरान कर दिया.
Add News18 as
Preferred Source on Google
‘इडियट’ में शाहरुख खान की परफॉर्मेंस ‘राज’ या ‘राहुल’ में उनके बाद के रोल्स से बिल्कुल अलग थी. उनके चेहरे पर एक अजीब सी शांति और आंखों में एक खालीपन था. यह वह समय था जब शाहरुख खान अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट कर रहे थे. उन्होंने एक ऐसे आदमी का रोल किया जिसकी पर्सनैलिटी इमोशनली कमजोर थी. फिल्म में उनके साथ मीता वशिष्ठ और अयूब खान जैसे अनुभवी एक्टर्स थे.
यह फिल्म आम लोगों तक नहीं पहुंची, लेकिन इसे दुनिया भर के फिल्म फेस्टिवल में बड़े सम्मान मिले. न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल से मणि कौल की फिल्म ने दुनिया भर के दर्शकों का ध्यान खींचा. 1993 में यह भारत के 24वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का हिस्सा नहीं थी, लेकिन कुछ उत्सव प्रतिनिधियों को निजी तौर पर दिखाई गई थी.इसे अक्टूबर 2016 में मुंबई फिल्म फेस्टिवल में ‘अहमक’ नाम के साथ प्रदर्शित किया गया था. फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और इसके धीमे म्यूजिक ने दर्शकों को एक अलग ही सोच में डाल दिया. शाहरुख खान के लिए यह फिल्म उनके रिज्यूमे का एक अहम हिस्सा बन गई, जिसने उन्हें सिर्फ एक रोमांटिक हीरो तक सीमित नहीं रहने दिया.
आज के डिजिटल जमाने में ‘इडियट’ एक बार फिर खबरों में है. यह फिल्म जो 1992 में थिएटर में रिलीज नहीं हो पाई थी, अब यूट्यूब पर फ्री में उपलब्ध है. फिल्म पसंद करने वालों के लिए यह एक खजाना है. शाहरुख खान के लाखों फैन, जो सिर्फ उनके कमर्शियल काम को जानते थे, अब इस अनोखी फिल्म के जरिए उनकी एक्टिंग की वह गहराई देख पा रहे हैं जिसे शायद लोग 30 साल पहले नहीं समझ पाए थे.
इंटरनेट ने उन फिल्मों को भी जिंदगी दी है, जिन्हें डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम ने रिजेक्ट कर दिया था. आज हजारों लोग ‘इडियट’ सर्च करते हैं और रोज इसे देखते हैं, कमेंट्स में शाहरुख के शुरुआती टैलेंट की तारीफ करते हैं. अगर आप शाहरुख खान के फैन हैं या वर्ल्ड लिटरेचर पर आधारित सिनेमा पसंद करते हैं, तो ‘इडियट’ जरूर देखें. यह फिल्म आज के ‘पॉपकॉर्न सिनेमा’ से अलग है. यह आपको सोचने पर मजबूर करती है और आपको एक ऐसे शाहरुख खान से मिलवाती है जो शांत है, जो धीमा है और जो अपनी आंखों से बात करता है.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



