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Thalapathy Vijay TVK: थलापति विजय को जिसका था इंतजार था वही हुआ है. तमिलनाडु में एक्टर विजय बड़ी खुशखबरी मिल गई. सब उनकी टीवीके का लोहा मान गए. तमिलनाडु विधानसभा में आज यानी बुधवार को TVK की मुराद पूरी हो गई. गठबंधन के दम पर थलापति विजय ने अपना सिक्का जमा दिया. थलापति विजय का खुशखबरी तो स्टालिन की पार्टी डीएमके मुंह ताकती रह गई. जी हां, तमिलनाडु विधानसभा में थलापति विजय ने अपनी पहली अग्निपरीक्षा पास कर ली है. तमिलनाडु में टीवीके सरकार को बहुमत से काफी अधिक 144 विधायकों का समर्थन मिल गया है.

दरअसल, थलापति विजय की सियासी एंट्री ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है. तमिलनाडु में एक्टर विजय ने कमाल कर दिया है. चुनाव में पहले टीवीके को सबसे बड़ी जीत दिलाई. फिर गठबंधन वाली सरकार बना ली. अब तो थलापति विजय ने डंके की चोट पर पहली अग्निपरीक्षा पासर भी कर ली है. कांग्रेस, आईयूएमएल, वीसीके, सीपीआई और सीपीएम की मदद से टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया. टीवीके सरकार को अब 144 विधायकों का समर्थन है. इसका मतलब है कि एआईडीएमके के एक गुट ने भी विजय का साथ दिया है.

तमिलनाडु विधासनभा फ्लोर टेस्ट में आज क्या हुआ?
दरअसल, तमिलनाडु की नई बनी सरकार, ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने आज विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया. थलापति विजय ने 144 वोटों के साथ फ्लोर टेस्ट जीत लिया. इसमें AIADMK के 25 बागी विधायकों ने भी TVK के पक्ष में वोट दिया. एआईडीएमके के 22 विधायकों ने TVK के खिलाफ वोट दिया और पांच विधायक तटस्थ रहे. वहीं, कांग्रेस, VCK, IUML और वामपंथी दलों ने विजय को समर्थन दिया.

क्यों बड़ी है यह खुशखबरी?
दरअसल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार के लिए आज का दिन अहम था. आज यानी बुधवार को थलापति विजय की टीवीके सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अहम विश्वास मत का सामना किया. अगर फ्लोर टेस्ट में पास नहीं होते तो विजय की सरकार गिर जाती. ऐसे में एआईएडीएमके के भीतर बढ़ती फूट के बीच सत्ताधारी गठबंधन अपना बहुमत साबित करने में सफल रहा. गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी.

बहुमत का आंकड़ा कितना था

हालांकि, पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 से पीछे रह गई थी. इससे सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी. बाद में रविवार को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन से विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद सत्ताधारी पार्टी की संख्या घटकर 107 रह गई, जब विजय ने उन दो विधानसभा सीटों में से एक तिरुची ईस्ट से इस्तीफा दे दिया. कार्यवाहक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने नई सरकार को बुधवार तक सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था.

DMK ने फ्लोर टेस्ट का बहिष्कार किया
विपक्ष के नेता और DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी फ्लोर टेस्ट में वोटिंग से दूर रहेगी. स्टालिन ने कहा कि जिन लोगों ने आपको वोट दिया था, अब उन्हें ही लगने लगा है कि उन्होंने एक बहुत बड़ी गलती कर दी है. हम यानी DMK, सदन से वॉकआउट कर रहे हैं और वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे. एक धर्मनिरपेक्ष सरकार होनी चाहिए. लगभग 65% लोगों ने विजय को मुख्यमंत्री के तौर पर नकार दिया है. उनमें से ज़्यादातर लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया. लोग अब यही सोच रहे हैं कि यह सरकार आखिर कब तक चलेगी.

सरकार ‘हॉर्स-ट्रेडिंग में नहीं, बल्कि घोड़े की रफ्तार से काम कर रही है’: विजय
तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री विजय ने उन सभी सहयोगी दलों का धन्यवाद किया जिन्होंने उनकी सरकार को अपना समर्थन दिया. उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकार की सभी योजनाएं जारी रहेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ (खरीद-फरोख्त) वाली सरकार नहीं है, बल्कि एक ऐसी सरकार है जो घोड़े की रफ़्तार से आगे बढ़ रही है.

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