Image Slider

  • युवाओं को नशे से बचाने के लिए व्यापक अभियान जरूरी : अतुल कुमार
  • नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की समीक्षा बैठक में अवैध मादक पदार्थों पर सख्त निर्देश
  • युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में चलेंगे जागरूकता अभियान
  • अवैध शराब, ड्रग्स और तंबाकू बिक्री पर संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई होगी तेज

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। जनपद में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार ने की, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा संचालित अभियानों, प्रवर्तन कार्रवाइयों तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार ने स्पष्ट कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रखकर इसे व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में संचालित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अवैध नशे का कारोबार युवाओं और समाज के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, इसलिए सभी विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, कर विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब, ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि आबकारी विभाग पुलिस प्रशासन के सहयोग से लगातार संयुक्त चेकिंग अभियान चला रहा है।

विभिन्न थाना क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं तथा अवैध नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में नशे के अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए खुफिया सूचनाओं के आधार पर भी अभियान संचालित किए जा रहे हैं। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अप्रैल माह में संचालित विशेष अभियानों और जनजागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द समिति को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाकर नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने, परामर्श कार्यक्रम आयोजित करने तथा सामाजिक संगठनों की सहभागिता बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों के आसपास गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों से कहा गया कि स्कूल और कॉलेज क्षेत्रों को विशेष निगरानी जोन घोषित करते हुए वहां कानून का कड़ाई से पालन कराया जाए। बैठक में सहायक आयुक्त राज्य कर विभाग शिखा सिंह, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की श्वेता खुराना, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के उप निरीक्षक कन्हैया लाल गुप्ता, पुलिस विभाग के निरीक्षक अरविंद कुमार, डीआरएस विभाग के प्रतिनिधि दीपक सहित आईबी, वन विभाग एवं आबकारी विभाग के अधिकारी आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, अभिनव शाही और संजय चन्द्र समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में प्रशासन ने दोहराया कि गौतमबुद्धनगर को नशा मुक्त जनपद बनाने के लिए निरंतर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। कानून प्रवर्तन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देते हुए अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी, ताकि समाज विशेषकर युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||