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UP Police Action News: उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है. जनता की सेवा करने वाले 118 पुलिसवालों का कुछ पता ही नहीं है. आखिर ये पुलिसवाले कहां चले गए हैं, पता ही नहीं चल रहा है. अबतक पूरे यूपी में 296 अफसरों पर गाज गिर चुकी है. आइए जानते हैं सबकुछ.

कहां हैं 118 पुलिसवाले? 14 तो छुट्टी के बाद लौटे नहीं, 296 अफसरों पर गिरी गाजZoom

यूपी पुलिस पर गाज. (एआई तस्वीर)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जब से योगी सरकार आई है तब से गुंडों से लेकर लापरवाह अफसरों पर लगातार कार्रवाई हो रही है. अब मेरठ और कानपुर में छोटे से लेकर बड़े अफसरों तक कुल 296 पर गाज गिरी है. दरअसल, कानपुर में ड्यूटी से लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे 14 पुलिसकर्मियों को सस्‍पेंड कर दिया गया है. वहीं 118 पुलिसकर्मी जो लापता है उन पर भी कार्रवाई की गई है. इधर, मेरठ में डीएम ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर 9 अफसरों और अभियंताओं के एक दिन का वेतन कटौती किया. साथ ही 155 अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया है.

कानपुर में पुलिस विभाग से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. दो से पांच दिनों की छुट्टी लेकर लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों पर शिकांजा कसा गया है. इसमें 14 ऐसे पुलिसकर्मी हैं जो 152 दिनों से लापता हैं, जिन्हें सस्‍पेंड कर दिया गया है. वहीं, पांच पुलिसकर्मी एक महीने से अनुपस्थित हैं, जिन्हें रडार पर रखा गया है. जल्‍द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी.118 पुलिसकर्मी लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों को नोटिस भी भेजा गया, लेकिन नोटिस का कोई जवाब नहीं आया.

विभाग की तरफ से गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों को एक बार फिर से नोटिस जारी किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि कई बार पुलिसकर्मी कम दिनों का अवकाश लेकर जाते हैं और इसके बाद बिना बताए अवकाश का समय बढ़ा लेते हैं. छुट्टी से लौटने के बाद नए-नए बहाने बनाते हैं. इस अनुशासनहीनता पर अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है पुलिस लाइन में तैनात दो दारोगा समेत 14 पुलिसकर्मी 37 से 152 दिनों से लापता चल रहे हैं. 118 पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कर सभी को नोटिस भेज दिया गया है.

पहले भी आ चुके हैं मामले
पुलिसकर्मियों के द्वारा छुट्टी लेकर गैरहाजिर होने का यह कोई पहला मामला नहीं है. जुलाई 2025 में 161 पुलिसकर्मियों के लापता होने की जानकारी मिली थी. जांच के बाद अधिकारियों ने 35 पुलिसकर्मियों के गैरहाजिर होने का दावा किया था. अधिकारियों का मानना है कि कभी-कभी हादसे या बीमारी की वजह से भी छुट्टी पर रहते हैं. विभाग इसकी जांच कर रहा है जो सही होगा उसको बहाल कर दिया जाएगा.

वहीं पुलिसकर्मियों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है, पुलिस आयुक्‍त हेडक्वाटर संकल्प शर्मा का कहना है कि कई पुलिसकर्मी बिना बताए अपनी ड्यूटी से गायब थे. इन सभी पुलिसकर्मियों को पत्र भी लिखा गया है. इन्‍होंने कोई जवाब नहीं दिया कि वे कब तक ड्यूटी जॉइन करेंगे. ऐसा करने वाले 14 पुलिसवालों को सस्‍पेंड कर दिया गया है. सस्‍पेंड किए जाने वाले पुलिसकर्मियों में से अधिक दिनों से अनुपस्थित चल रहे सिपाही दुष्‍यंत का नाम शामिल है. वे पिछले 168 दिनों से ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं. एक सब इंस्‍पेक्‍टर मोनू सिंह भी 54 दिनों से अनुपस्थित चल रहे थे. फोन पर भी कार्रवाई हुई है. वही 118 पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करके उनको नोटिस भेजा गया है. यदि उनका कोई जवाब नहीं आया तो उन पर भी कार्रवाई तय है.

मेरठ में भी हुई कार्रवाई
डीएम डॉ. वीके सिंह ने जनशिकायतों (आईजीआरएस) के निस्तारण में लापरवाही को लेकर 9 अफसरों, अभियंताओं के एक दिन का वेतन कटौती, 155 अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. विकास भवन सभागार में सोमवार को डीएम ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में नौ विभागीय नोडल अधिकारियों, अभियंताओं को अनुपस्थित पाया गया. इन सभी के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने उनके एक दिन के वेतन कटौती का निर्देश दिया.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

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