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A.S Inter College Mavana Meerut: मेरठ के मवाना में स्थित एएस इंटर कॉलेज आज सिर्फ एक सरकारी स्कूल नहीं रह गया है, बल्कि यह अब लोगों के भरोसे का केंद्र बनता जा रहा है. जहां एक तरफ आमतौर पर अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की होड़ में रहते हैं, वहीं यहां स्थिति बिल्कुल अलग दिखाई देती है. पिछले कुछ वर्षों में इस कॉलेज ने यूपी बोर्ड परीक्षा परिणामों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे इसका नाम जिले में ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. यही वजह है कि अब आसपास के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का एडमिशन यहां कराने के लिए आगे आ रहे हैं.

मेरठ: आज के दौर में जहां अभिभावकों का झुकाव प्राइवेट स्कूलों की ओर बढ़ रहा है, वहीं मेरठ के मवाना में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है. यहां का एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल अपनी पढ़ाई और बेहतरीन रिजल्ट के दम पर बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहा है. हम बात कर रहे हैं एएस इंटर कॉलेज की, जहां एडमिशन के लिए बच्चों और अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है. हैरानी की बात यह है कि पिछले तीन सालों से यूपी बोर्ड के जिला टॉपर इसी स्कूल से निकल रहे हैं.

1915 में हुई थी स्थापना, आज भी कायम भरोसा
मेरठ के मवाना में स्थित एएस इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1915 में हुई थी, यानी यह कॉलेज आजादी से पहले से शिक्षा का केंद्र बना हुआ है. प्रधानाचार्य डॉ. मेघराज सिंह ने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई शासन द्वारा तय नियमों के अनुसार कराई जाती है. उनका चयन माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग की परीक्षा के माध्यम से हुआ था और वे वर्ष 2022 से इस पद पर कार्यरत हैं.
उन्होंने बताया कि प्रबंधक पवन कुमार रस्तोगी और अध्यक्ष अखिल कुमार कौशिक का हमेशा यही प्रयास रहता है कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए. इसी कारण यहां शिक्षक लगातार मेहनत कर छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ा रहे हैं.
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यूपी बोर्ड रिजल्ट में लगातार टॉपर्स दे रहा है कॉलेज
डॉ. मेघराज सिंह के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में कॉलेज के छात्रों ने यूपी बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है. यहां के विद्यार्थी न सिर्फ जिला टॉपर बन रहे हैं, बल्कि टॉप 10 में भी अपनी जगह बना रहे हैं. पिछले वर्ष वैष्णवी ने कक्षा 10 में जिला में प्रथम स्थान हासिल किया था, जबकि इस वर्ष वंशिका उपाध्याय ने इंटरमीडिएट में जिला टॉप किया है.

एंट्रेंस परीक्षा से मिलता है एडमिशन
कॉलेज में एडमिशन एंट्रेंस परीक्षा के माध्यम से होता है. यहां कक्षा 6 से 8 तक कोई फीस नहीं ली जाती. वहीं कक्षा 9 से 12 तक शासन द्वारा तय न्यूनतम शुल्क ही लिया जाता है. खास बात यह है कि यहां हिंदी और इंग्लिश दोनों माध्यम में पढ़ाई कराई जाती है, जिससे छात्र अपनी सुविधा के अनुसार शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.

नेहरू के निरीक्षण से जुड़ा ऐतिहासिक गौरव
प्रधानाचार्य ने बताया कि वर्ष 1949 में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी इस कॉलेज का औचक निरीक्षण किया था. इसके अलावा तत्कालीन मुख्यमंत्री भी यहां आ चुके हैं, जो इस संस्थान के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है. इस कॉलेज में छात्रों की तैयारी को मजबूत करने के लिए पिछले कुछ वर्षों से स्पेशल टेस्ट सीरीज चलाई जा रही है. जहां शिक्षक महत्वपूर्ण प्रश्नों की सूची बनाकर नियमित टेस्ट लेते हैं, जिससे छात्रों की कमजोरियों को दूर किया जा सके. इसी तैयारी का नतीजा है कि यहां के छात्रों को ज्यादा कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ती और वे स्कूल में पढ़ाई के आधार पर ही अच्छे अंक हासिल कर लेते हैं.

कम समय में फुल हो जाती हैं सीटें
बेहतर रिजल्ट और अनुशासित पढ़ाई के कारण इस कॉलेज में एडमिशन की मांग काफी ज्यादा रहती है. यही वजह है कि यहां की सीटें बहुत जल्दी फुल हो जाती हैं और अभिभावक अपने बच्चों का एडमिशन इसी संस्थान में कराना पसंद करते हैं.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें

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