-मातृत्व सम्मान से ही मजबूत होगा समाज: पूनम गौतम
-बच्चों में संस्कार और संवेदना सबसे बड़ी पूंजी: तनुजा
-नन्हे विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा ने मंच पर बिखेरे भावनाओं और प्रेम के रंग
-माँ के त्याग, ममता और जीवन मूल्यों का संदेश बनकर गूंजा पूरा विद्यालय परिसर
-गीत-नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारिवारिक संस्कारों ने समारोह को बनाया यादगार उत्सव
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित गौतम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मातृत्व दिवस एवं पिंक डे अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और भावनात्मक वातावरण के बीच मनाया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन प्रेम, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों की भावना से सराबोर रहा। इस अवसर पर प्राथमिक एवं पूर्व प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सभी बालक एवं बालिकाएँ गुलाबी रंग की आकर्षक वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे। गुलाबी परिधान में सजे नन्हे विद्यार्थी अत्यंत मनमोहक दिखाई दे रहे थे। विद्यालय परिसर को भी आकर्षक सजावट के माध्यम से उत्सवमय रूप दिया गया, जिससे पूरा वातावरण उल्लासपूर्ण बन गया। मातृत्व दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के लिए विभिन्न रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने शुभकामना कार्ड निर्माण, आभूषण डिब्बा निर्माण, उपहार डिब्बा निर्माण, कविता पाठ, समूह नृत्य तथा गायन प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार की भावनाएं व्यक्त कीं। नन्हे विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उपहार और शुभकामना कार्ड कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहे।
विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने मातृत्व दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने कहा जहाँ भगवान स्वयं नहीं पहुँच सकते, वहाँ उन्होंने माँ को भेज दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता का सम्मान करने और उनके संस्कारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उप-प्रधानाचार्या तनुजा गौतम ने भी बच्चों को संबोधित करते हुए माँ के प्रेम, त्याग और ममता की महत्ता को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि माँ केवल पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यालय के शैक्षणिक प्रमुख चेतन शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि माता-पिता भगवान का स्वरूप होते हैं और हमें सदैव उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को बताया कि माँ अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर कठिनाई सहन करती है और बिना किसी अपेक्षा के प्रेम देती है। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने विद्यार्थियों के मन पर गहरा प्रभाव डाला। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने माँ को समर्पित गीतों, भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
बच्चों की मासूम अभिव्यक्तियों और उत्साह ने समारोह को यादगार बना दिया। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यक्रम को सफल बताया। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक संवेदनाओं का विकास करना है। मातृत्व दिवस जैसे अवसर बच्चों को परिवार के महत्व को समझने और कृतज्ञता की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। समारोह के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर प्रेम, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण दिखाई दिया। विद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के संवर्धन के लिए ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का भी विकास सुनिश्चित हो सके।
गुलाबी परिधानों में सजे नन्हे विद्यार्थी बने आकर्षण का केंद्र
पिंक डे के अवसर पर विद्यालय को गुलाबी सजावट से उत्सवमय रूप दिया गया। छात्र-छात्राएं गुलाबी वेशभूषा में अत्यंत आकर्षक दिखाई दिए। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि गुलाबी रंग प्रेम, स्नेह और संवेदनशीलता का प्रतीक है। विद्यार्थियों ने शुभकामना कार्ड निर्माण, उपहार डिब्बा निर्माण, कविता पाठ, समूह नृत्य और गायन जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उपहार कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहे।
गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने किया भावुक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मां को समर्पित गीतों, भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सभी को भावुक कर दिया। अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजन को सफल बताया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक संवेदनाओं का विकास करना है। समारोह के अंत में सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया।
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