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IMD Weather Today Live: मौसमी दशाओं में लगातार हो रहे परिवर्तन का असर कई राज्यों में देखा जा रहा है. उच्च पर्वतीय राज्यों के साथ मैदानी हिस्सों में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना जताई है. वहीं, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के मूड में भी बदलाव आने का पूर्वानुमान है.
मौसम के मिजाज में लगातार परिवर्तन हो रहा है. अब बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नए चक्रवाती तूफान की स्थिति बन रही है. (फाइल फोटो/Reuters)
IMD Weather Today Live: देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के मिजाज में लगातार परिवर्तन हो रहा है. इसका असर पर्वतीय राज्यों के साथ ही देश के मैदानी हिस्सों में भी देखा जा रहा है. पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव से खासतौर पर उत्तर भारत में तेज हवा के साथ बारिश हुई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में फिर से मौसम का मिजाज बिगड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है. इसके साथ ही समंदर का मूड भी बिगड़ने लगा है. मौसम विज्ञानियों ने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में प्री-मानसून तूफान (Pre-Monsoon Cyclonic Storm) का खतरा बढ़ने का अंदेशा जताया है. ऐसे में इसका असर व्यापक पैमाने पर पड़ सकता है. देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज आंधी, बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है. खासकर 6 मई को कई क्षेत्रों में खराब मौसम का व्यापक असर देखने को मिल सकता है, जबकि 10 और 11 मई को एक और नया सिस्टम सक्रिय (western disturbances) होने की संभावना है.
भारतीय समुद्री क्षेत्रों में आमतौर पर दो प्रमुख तूफानी सीजन होते हैं. पहला प्री-मानसून (मार्च से मई) और दूसरा पोस्ट-मानसून (अक्टूबर से दिसंबर). हालांकि, साल के किसी भी महीने में चक्रवाती तूफान बन सकते हैं, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम रहती है. मानसून (जून से सितंबर) के दौरान भी तूफान बनते हैं, खासकर जून की शुरुआत और सितंबर के अंत में इनकी संभावना अधिक होती है. मार्च महीने में अरब सागर में लगभग कोई तूफान नहीं बनता, जबकि बंगाल की खाड़ी में भी बहुत कम बनते हैं. अप्रैल में बंगाल की खाड़ी में कुछ तूफान ओडिशा या पश्चिम बंगाल तक भी पहुंच जाते हैं. अरब सागर में तूफानों की संख्या बंगाल की खाड़ी की तुलना में काफी कम होती है. यहां के तूफान भी लगभग उसी तरह चलते हैं और कभी-कभी मुड़कर गुजरात-सिंध मकरान तट की ओर बढ़ जाते हैं. स्काईमेट वेदर की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 से 2025 के बीच प्री-मानसून सीजन में कुल 10 चक्रवाती तूफान बने. 2015, 2018 और 2025 में एक भी तूफान नहीं बना. इस दौरान अप्रैल में अरब सागर में कोई तूफान नहीं बना, जबकि बंगाल की खाड़ी में अप्रैल 2017 और अप्रैल 2019 में एक-एक तूफान बना. 2019 का चक्रवात फानी (Cyclone Fani) बेहद शक्तिशाली था, जिसने 3 मई 2019 को पुरी (ओडिशा) के पास तट पर टक्कर मारी.
आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल समेत अन्य कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है. (फाइल फोटो/Reuters)
2026 में संभावित चक्रवाती तूफान
इस साल मार्च और अप्रैल में भारतीय समुद्रों में कोई भी तूफान नहीं बना, लेकिन अब शुरुआती संकेत मिल रहे हैं कि अरब सागर में एक नया सिस्टम विकसित हो सकता है. संभावना है कि 10 मई के आसपास दक्षिण-पूर्व अरब सागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में एक चक्रवाती भंवर (vortex) बन सकता है. हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए अभी 48 से 72 घंटे का समय लगेगा. आमतौर पर इस तरह के तूफान अफ्रीका के हॉर्न (सोमालिया तट) की ओर बढ़ते हैं, जो इस बार भी संभावित दिशा हो सकती है.
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
उत्तर-पश्चिम भारत में आज, 05 मई को अलग-अलग स्थानों पर गरज, बिजली और 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज़ हवा चलने की संभावना है। इसके बाद 10 और 11 मई, 2026 को फिर से ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर… pic.twitter.com/rsau8lmwv7— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 5, 2026
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