दिल्ली पुलिस की पांचवीं बटालियन में तैनात 2009 बैच का हवलदार समय सिंह मीणा पहली बार गिरफ्तार नहीं हुआ है। करीब डेढ़ साल पहले सराय रोहिल्ला इलाके में हुई करीब 35 लाख की लूट के मामले में इसको गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस समय इसे निलंबित कर दिया गया था।
जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए खुद को बहाल करवाकर दोबारा से ड्यूटी ज्वाइन कर ली। इसके बाद भी आरोपी ने अपना धंधा नहीं छोड़ा। दिन के उजाले में आरोपी पुलिसगिरी करता और रात के अंधेरे में आरोपी डकैती का सरदार होता था। इसका एक पूरा नेटवर्क है, जिसका यह इस्तेमाल कर रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि समय सिंह मीणा को सट्टेबाजी के अलावा अय्याशी का शौक है। शायद इसकी वजह से उसे लूटपाट और डकैती का चस्का लग गया है। फिलहाल समय सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि उसके खिलाफ इस बार सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2022 में आरोपी ने चांदनी महल इलाके में एक युवक को रुपयों के लिए अगवा कर लिया था। बाद में उससे वसूली भी की गई थी। इसके अलावा वर्ष 2024 में समय सिंह ने पश्चिम विहार इलाके में अपने गिरोह के साथ मिलकर डकैती डाली थी। इसके अलावा सराय रोहिल्ला इलाके में वर्ष 2024 में ही उसने दोबारा लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसका गिरोह करोल बाग और चांदनी चौक में आने वाले हवाला कारोबारियों को निशाना बनाते थे। कई बार ऐसे मामलों तो भी डर की वजह से शिकायत भी नहीं होती है।
सूचना मिलने के बाद आरोपी अपने गिरोह को एक्टिव कर देता है। इसके बाद वारदात को अंजाम दे दिया जाता है। बाद में पैसे भी बांट दिया जाता है। बाड़ा हिन्दू राव लूट के बाद आरोपियों ने लोटस टैंपल, कालकाजी में लूटी गई रकम का बंटवारा किया था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इनके गिरोह के बाकी सदस्यों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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