अगर आप फेमस होने के लिए सोशल मीडिया पर अपनी निजी तस्वीर और वीडियो शेयर करते हैं, तो सावधान हो जाए। इंटरनेट की दुनिया में एक बार आपकी निजी जानकारी अपलोड हो गई तो वह कभी डिलीट नहीं हो पाएगी। चाहें आप कितने ही बड़े साइबर एक्सपर्ट क्यों न हो। यह बातें साइबर पुलिस ने बच्चों को बताईं। दरअसल, बुधवार को पूर्वी दिल्ली के मौसम विहार स्थित एसएलएस डीएवी पब्लिक स्कूल में अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में एसीपी मोहिंद्र सिंह, जगतपुरी थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह, एएसआई संजीव कुमार, साइबर एक्सपर्ट हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार, स्कूल की प्रधानाचार्य नवीता आर्य, सीनियर सेकेंडरी एचओडी अल्का शर्मा, स्कूल काउंसलर अदिति भारद्वाज और सेकेंडरी डिपार्टमेंट एचओडी रूपा सेठी सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र और छात्रा मौजूद रहीं।
उस दौरान पुलिस ने बच्चों जागरूक करते हुए कहा कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर शेयर की गई निजी जानकारी का उपयोग कर आपको अपना शिकार बनाते हैं। इनमें ज्यादातर लड़कियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक, दस में से हर दो लड़कियां साइबर बुलिंग की शिकार हो जाती हैं। ऐसे में उन्होंने बच्चों से कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग हमें बहुत ही सावधानी से करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी के चंगुल में फंसे, तो घबराए नहीं। बल्कि समय रहते तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें और इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें
साइबर एक्सपर्ट प्रवीण कुमार ने बताया कि मोबाइल फोन में ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच कर लें। गलती से भी आपने मोबाइल फोन में एपीके फाइल डाउनलोड कर ली, तो आपका मोबाइल फोन हैक हो जाएगा। आपकी सारी निजी जानकारी साइबर अपराधियों के पास चली जाएंगी। ऐसे में आपको सतर्कता बरतने की जरूरत है।
क्या होती है एपीके फाइल
साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि एंड्रॉइड फोन में ऐप्स इंस्टॉल करने का एक पैकेज है, जो प्ले स्टोर के बाहर से थर्ड-पार्टी ऐप्स डाउनलोड करने में मदद करता है। इसी फाइल के माध्यम से आपका निजी डाटा चोरी कर लिया जाता है।
सवाल-जवाब
गलती से एपीके फाइल इंस्टॉल हो जाए, तो फिर हमें क्या करना चाहिए?
अपने मोबाइल फोन को फैक्ट्री रीसेट कर देना चाहिए। इससे एपीके फाइल डिलीट हो जाएगी और आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी।
अगर हमारा मोबाइल फोन हैक हो गया है, तो क्या करना चाहिए?
सबसे पहले अपने मोबाइल फोन का सिम कार्ड डीएक्टिवेट कर दें या फिर उसे निकाल दें। इससे आपका इंटरनेट के साथ संपर्क टूट जाएगा। सिम कार्ड निकालने के बाद उस सिम कार्ड का दोबारा से उपयोग न करें। अगर उसी सिम नंबर की जरूरत है, तो दूसरा सिम कार्ड सेम नंबर से निकाल लें। अपने मोबाइल फोन को फैक्ट्री रीसेट कर दें।
हमें कैसे पता चलेगा कि हमारा मोबाइल फोन हैक हो गया है?
आपका मोबाइल फोन हैंग करने लगेगा। कुछ ही समय में मोबाइल फोन गर्म हो जाएगा। आप अपने सोशल अकाउंट का एक्सेस करेंगे, तो नहीं होगा। जब आपको लगे कि आपकी निजी जानकारी बिना आपके अनुमति के सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है, तो आपका मोबाइल फोन हैक हो गया है। ऐसे में आपको सारे पासवर्ड रीसेट कर देना चाहिए। मोबाइल फोन को फैक्ट्री रीसेट कर देना चाहिए और इसकी शिकायत तुरंत पुलिस को करनी चाहिए।
हमें साइबर अपराधियों की शिकायत कहां करनी चाहिए?
जवाब – साइबर अपराधियों की शिकायत आप साइबर हेल्पलाइन नंबर-1930 पर कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी शिकायत साइबर क्राइम की ऑफिशियल बेवसाइट cybercrime.gov.in पर भी जाकर कर सकते हैं।
साइबर अपराधियों से बचने के कुछ उपाय
- एपीके फाइल इंस्टॉल न करें
- सोशल मीडिया पर अपने निजी जानकारी शेयर करने से बचें, संभव हो तो अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखें
- हमेशा टू-स्टेप वेरिफिकेशन का उपयोग करे
- बैंक से संबंधित जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें, चाहे वह आपके कितने भी खास दोस्त क्यों न हो
- सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच कर लें। कई बार साइबर अपराधी फेक लिंक के जरिए आपसे निजी जानकारी ले लेता है
- बैंक आपसे कभी भी फोन करके या मैसेज के जरिए आपसे निजी जानकारी नहीं मांगता है
- सोशल मीडिया साइट पर लुभावने ऑफर के लालच में न आएं
- लालच और डर पर काबू पाएं। साइबर अपराध की शिकायत तुरंत पुलिस स्टेशन, साइबर हेल्पलाइन नंबर और साइबर की ऑफिशियल वेबसाइट पर करें
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