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होमताजा खबरदेशनितिन नबीन जी नहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कहिए…राघव चड्ढा को BJP का पहला पाठ

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Raghav Chadha First BJP Lesson: आम आदमी पार्टी को झटका देने वाले राघव चड्ढा ने अपने लिए नया राजनीतिक ठिकाना तलाश लिया है. वो अब भाजपाई हो गए हैं. राज्‍यसभा सांसद को नए राजनीतिक घर में नया पाठ सीखने को मिला है.

नितिन नबीन जी नहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कहिए...राघव चड्ढा को BJP का पहला पाठ Zoom

राघव चड्ढा को भाजपा में पहले ही दिन पहला पाठ पढ़ा दिया गया. (फाइल फोटो)

Raghav Chadha First BJP Lesson: आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले राज्‍यसभा सदस्‍य राघव चड्ढा को नए राजनीतिक ठिकाने में पहले ही दिन पहला पाठ पढ़ा दिया गया. राघव चड्ढा अपने संबोधन में बार-बार भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष नितिन नबीन को ‘नितिन नबीन जी’ कहकर संबोधित कर रहे थे. ऐसा तीन-चार बार होने के बाद बीजेपी के एक दिग्‍गज नेता ने उन्‍हें बड़े प्‍यार से बीच में ही बताया कि नितिन नबीन जी नहीं उन्‍हें राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जी कहिए. बता दें कि AAP को छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले राघव चड्ढा ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था. राजनीतिक उथल-पुथल से पहले आम आदमी पार्टी ने उन्‍हें राज्‍यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया था.

राघव चड्ढा को भाजपा में शामिल होने के पहले ही दिन पार्टी की कार्यशैली और संबोधन की परंपरा का अनुभव हो गया. पिछले हफ्ते जब उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की, तो बातचीत के दौरान उन्होंने उन्हें ‘नितिन नबीन जी’ कहकर संबोधित किया. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, बताया जाता है कि चड्ढा ने यह संबोधन तीन-चार बार दोहराया, जिसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने उन्हें विनम्रता से टोकते हुए सही तरीके से संबोधित करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष को ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष जी’ कहकर संबोधित किया जाना चाहिए.

बीजेपी की संस्‍कृति और अनुशासन

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह घटना भाजपा की आंतरिक संस्कृति और अनुशासन को समझाने का एक शुरुआती उदाहरण थी. आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए चड्ढा के लिए यह एक तरह का पहला ‘संस्कृति पाठ’ माना जा रहा है. भाजपा में पद और संबोधन को लेकर एक निश्चित परंपरा और अनुशासन का पालन किया जाता है, जिसे नए नेताओं को अपनाना होता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दल बदलकर आने वाले नेताओं के लिए इस तरह के अनुभव नई कार्यशैली को समझने में मददगार साबित होते हैं.

राघव चड्ढा का भावुक संदेश

भारतीय राजनीति में हाल ही में हुए घटनाक्रम के बीच राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के अपने फैसले को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है. इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में चड्ढा ने कहा कि उनके इस कदम के बाद उन्हें बड़ी संख्या में संदेश मिल रहे हैं. उन्होंने बताया कि जहां कई लोग उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनके फैसले के पीछे की वजह जानना चाहते हैं. चड्ढा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ने का निर्णय सोच-समझकर लिया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के 15 महत्वपूर्ण वर्ष आम आदमी पार्टी को दिए हैं और वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं. उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य सिर्फ करियर बनाना नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ पार्टी के लिए काम किया.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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