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Akhilesh Yadav Meets Anupama Jaiswal: लखनऊ के मेदांता अस्पताल में राजनीति की एक अनोखी तस्वीर दिखी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद का पुतला फूंकते वक्त झुलसी भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल का हाल जानने पहुंचे. सियासी कड़वाहट के बीच अखिलेश की इस संवेदनशीलता ने सबको हैरान कर दिया. दोनों नेताओं की मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.

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हाथ जोड़े अखिलेश, बेड पर लेटीं बीजेपी विधायक अनुपमा… दिल जीत ले गई यह मुलाकातZoom

अखिलेश यादव ने मेदांता में एडमिट अनुपमा जायसवाल से की मुलाक़ात

लखनऊ: राजनीति में अक्सर नेता एक-दूसरे पर तीखे वार करते हैं. मगर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कुछ ऐसा किया जिसने सबकी बोलती बंद कर दी. अखिलेश यादव अचानक लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंच गए. वहां उन्होंने बहराइच सदर से भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से मुलाकात की. अनुपमा जायसवाल वही विधायक हैं जो कुछ दिन पहले अखिलेश यादव और राहुल गांधी का पुतला फूंक रही थीं. इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं और बुरी तरह झुलस गईं. अखिलेश यादव को अपने सामने देखकर अनुपमा जायसवाल के चेहरे पर मुस्कान आ गई.

विरोध प्रदर्शन के दौरान कैसे झुलस गईं भाजपा विधायक अनुपमा?

यह पूरा मामला बहराइच में हुए एक सियासी विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव और राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही थीं. जैसे ही उन्होंने पुतले में आग लगाने की कोशिश की, आग की लपटें अचानक बेकाबू हो गईं. इस हादसे में अनुपमा के चेहरे और बाल आग की चपेट में आ गए. आनन-फानन में उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया था.

अखिलेश यादव ने अस्पताल पहुंचकर कैसे जीती लोगों की सहानुभूति?

अखिलेश यादव ने इस मुलाकात की तस्वीर अपने सोशल मीडिया पर साझा की है. तस्वीर में साफ दिख रहा है कि अनुपमा जायसवाल अस्पताल के बेड पर एडमिट हैं. अखिलेश यादव उनके बगल में खड़े होकर उनका हाल-चाल पूछ रहे हैं. सियासी मतभेदों को दरकिनार करते हुए अखिलेश ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

राजनीतिक पंडितों के अनुसार, अखिलेश यादव ने यह कदम उठाकर एक बड़ी लकीर खींच दी है. उन्होंने संदेश दिया है कि लोकतंत्र में वैचारिक विरोध हो सकता है पर व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं होनी चाहिए. इस मुलाकात के बाद से सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के इस मानवीय व्यवहार की जमकर तारीफ हो रही है.

अस्पताल में हुई इस मुलाकात ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या यूपी की राजनीति में कड़वाहट कम होने वाली है.

About the Author

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

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