नई दिल्ली. ‘आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा’ हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर का एक बेहद खूबसूरत और यादगार गीत है, जिसे 1979 की फिल्म नूरी में शामिल किया गया था. इस गीत को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज दी, जिसने इसे अमर बना दिया. गाने का संगीत मशहूर संगीतकार खय्याम ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल प्रसिद्ध शायर जान निसार अख्तर ने लिखे थे. गीत में प्रेम, इंतजार और मिलन की तड़प को बेहद खूबसूरती से पिरोया गया. फिल्म में यह गाना पूनम ढिल्लों पर फिल्माया गया था, जिनकी मासूमियत और स्क्रीन प्रेजेंस ने गीत को और खास बना दिया. ‘नूरी’ के संगीत ने फिल्म को बड़ी पहचान दिलाई, और यह गीत आज भी अपने रोमांटिक एहसास, दिल छू लेने वाले बोल और लता मंगेशकर की जादुई आवाज की वजह से सदाबहार क्लासिक माना जाता है.
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