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<strong>Vaishakh Purnima Blessings: </strong>वैशाख पूर्णिमा, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन दान, स्नान और पूजा-पाठ करने से जन्मों के पाप धुल जाते हैं और सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। वैशाख पूर्णिमा पर मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाना और आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/other-festivals/vaishakh-month-festivals-2026-126040200034_1.html" target="_blank">Vaishakh 2026: वैशाख माह के व्रत त्योहारों की लिस्ट</a></strong>


 


1. गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य


2. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा


3. पीपल के वृक्ष का पूजन


4. सत्तू और जल का दान


5. सत्यनारायण कथा और चंद्र दर्शन


 


वैशाख पूर्णिमा पर करने योग्य 5 प्रभावशाली उपाय प्रस्तुत हैं, जिनसे सभी देवताओं का आशीर्वाद और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है। यदि आप भी इस शुभ अवसर पर देवी-देवताओं से वरदान पाना चाहते हैं, तो ये 5 अचूक उपाय जरूर करें:


 

1. गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य

शास्त्रों के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है।


 


<strong>उपाय:</strong> यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।


 


<strong>लाभ: </strong>इसके बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें। इससे आरोग्य और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।


 

2. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा

पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा से आर्थिक तंगी दूर होती है।


 


<strong>उपाय</strong>: भगवान विष्णु को पीले फूल और माता लक्ष्मी को लाल गुलाब अर्पित करें। पूजा में &#039;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय&#039; मंत्र का जाप करें।


 


<strong>विशेष:</strong> इस दिन श्रीसूक्त का पाठ करना धन वृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।


 

3. पीपल के वृक्ष का पूजन

पीपल के पेड़ में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का वास माना जाता है।


 


<strong>उपाय:</strong> शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं और जल अर्पित करें।


 


<strong>लाभ: </strong>इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति आती है।

 

4. सत्तू और जल का दान

वैशाख का महीना भीषण गर्मी का होता है, इसलिए इस समय &#039;जल दान&#039; को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।


 


<strong>उपाय: </strong>जरूरतमंदों को सत्तू, घड़ा (मटका), पंखा या शीतल जल का दान करें।


 


<strong>महत्व:</strong> स्कंद पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति वैशाख पूर्णिमा पर प्यासे को पानी पिलाता है, उसे अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य मिलता है।


 

5. सत्यनारायण कथा और चंद्र दर्शन

पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ होता है, जो मन और मानसिक शांति का कारक है।


 


<strong>उपाय:</strong> घर में भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें और रात को चंद्रमा को दूध मिश्रित जल से अर्घ्य दें।


 


<strong>लाभ: </strong>इससे मानसिक तनाव दूर होता है और चंद्र दोष से राहत मिलती है।


 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

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