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बुखार आते ही हम अक्सर उसे मलेरिया समझकर सामान्य इलाज के भरोसा रह जाते हैं। यह प्रवृत्ति ठीक नहीं है क्योंकि दिल्ली के अस्पतालों में आए मरीजों की जांच से पता चला है जिनमें मलेरिया के साथ डेंगू, चिकनगुनिया या टाइफाइड जैसी दूसरी बीमारियों के लक्षण भी मिले हैं। मल्टी इंफेक्शन डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी पहेली बनता जा रहा है। बीमारी का पता नहीं चलने पर इलाज का का असर भी बेहद धीमा होता है। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल में हुए हालिया अध्ययन में यह पता चला है।

जुलाई 2022 से नवंबर 2023 के बीच किए गए शोध में 4259 बुखार वाले मरीजों का अध्ययन किया गया, जिनमें से 87 मरीज ( 2.04%) मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। इनमें करीब 45 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिनमें डेंगू, चिकनगुनिया या टाइफाइड जैसी बीमारियों के साथ को-इंफेक्शन पाया गया, जिससे बीमारी की पहचान और इलाज दोनों जटिल हो जाते हैं। इस अध्ययन में प्लास्मोडियम वाइवैक्स और फाल्सीपेरम दोनों प्रकार के संक्रमण दर्ज किए गए। अध्ययन के अनुसार मरीजों में सबसे आम लक्षण ठंड लगना 80.46, पीलिया 51.72, मांसपेशियों में दर्द 56.32, पूरे शरीर में दर्द 54.02 और लीवर व स्प्लीन का बढ़ना 64.37 फीसदी पाए गए। कुछ गंभीर मामलों में गंभीर एनीमिया सबसे प्रमुख जटिलता के रूप में सामने आया।

बीमारी की पहचान हो रही मुश्किल

मलेरिया अन्य संक्रमणों के साथ मिलकर शरीर पर असर डालता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लक्षण एक-दूसरे से मिल जाते हैं, जिससे सही समय पर बीमारी पहचानना मुश्किल हो जाता है और इलाज में देरी हो सकती है। जुलाई से सितंबर के बीच मलेरिया संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। पुरुषों में संक्रमण का जोखिम महिलाओं की तुलना में अधिक पाया गया।

-प्रो. डॉ. मोनिका मटलानी, माइक्रोबायोलॉजी विभाग

यह है कारण…

दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया सभी मच्छरों से फैलते हैं। टाइफाइड खराब स्वच्छता और दूषित पानी से जुड़ा है। क्लिनिकल स्तर पर तीनाें बीमारियों को अलग करना कठिन हो जाता है। यही कारण है कि कई बार एक संक्रमण के साथ दूसरे संक्रमण छिपे रह जाते हैं और मरीज मल्टी-इंफेक्शन के रूप में सामने आते हैं। –

डॉ. नीरज निश्चल, एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर

प्रमुख लक्षण

  • तेज बुखार और कंपकंपी के साथ ठंड लगना
  • बहुत ज्यादा पसीना आना
  • सिरदर्द और शरीर में कमजोरी
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • उल्टी या मतली
  • भूख कम लगना
  • कभी-कभी चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
  • गंभीर मामलों में पीलिया (आंखों और त्वचा का पीला पड़ना)

सावधानी-उपाय

  • मच्छरदानी का उपयोग करें
  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें
  • बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

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