बलिया के सिकंदरपुर स्थित दादर आश्रम में बनी 45 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन गई है. खड़ाऊ पहन आशीर्वाद देते बजरंगबली का यह अनोखा रूप बेहद दुर्लभ माना जाता है. यहां दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते हैं और CM योगी आदित्यनाथ भी यहां आ चुके हैं.
कैसे हुआ मंदिर का निर्माण
श्री बजरंग पीजी कॉलेज दादर आश्रम सिकंदर बलिया में समाजशास्त्र विभाग के प्रवक्ता डॉ. उपेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि इस हनुमान मूर्ति की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. इसकी शुरुआत एक स्वप्न से हुई, जब श्री बजरंग पीजी कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. लालता प्रसाद श्रीवास्तव को बार-बार हनुमान जी सपने में दर्शन देने लगे थे. इसे उन्होंने दिव्य संकेत माना और एक भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था. इसके लिए वे राजस्थान और दिल्ली से कारीगर व सामग्री लेकर आए. निर्माण कराने से पहले 10 दिनों तक भव्य यज्ञ हुआ, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्यगोपाल दास के निर्देशन में वेदांतियों ने अनवरत मंत्रोच्चार किया था. यह धार्मिक आयोजन स्थानीय संत बालक बाबा के संरक्षण में संपन्न हुआ था.
सीएम योगी भी कर चुके हैं दर्शन
इस स्थल का इतिहास भी कम रोचक नहीं है. इसकी जड़ें आजमगढ़ के चंडेश्वर आश्रम से जुड़ी हैं, जहां से सूर्यबली ब्रह्मचारी और राम सिंहासन दास महाराज ने इस शिक्षा और आध्यात्मिक केंद्र की नींव रखी थी. महान सिद्ध संत देवरहवा बाबा के आशीर्वाद से कॉलेज की स्थापना हुई, यहां बाद में आस्था भी प्रज्वलित हो गई. उन्होंने आगे कहा कि यह जगह सन 1995 में 45 फीट ऊंची इस प्रतिमा की स्थापना के बाद धीरे-धीरे बहुत प्रसिद्ध हो गई. लेकिन असली बदलाव तब आया जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां दर्शन किए.
धार्मिक आस्था का केंद्र
स्थानीय मोहलानपार सिकंदरपुर बलिया निवासी अजय कुमार सिंह ने कहा कि वह श्री गोरक्षनाथ मंदिर में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं. यह मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और जनता दर्शन को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर संभालते हैं. निवासी अजय कुमार सिंह की पहल पर उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की मंजूरी दी.
इसके बाद यहां बाउंड्री वॉल, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की गईं. आज यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि बलिया का उभरता पर्यटन स्थल भी बन चुका है. अब यहां हर मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं है, बल्कि विश्वास, समर्पण और एक स्वप्न के साकार होने की जीवंत मिसाल भी है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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