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SDM Shivangi Joshi Deputy Collector: जहां शादियों में लोग करोड़ों उड़ा देते हैं, वहीं जबलपुर की सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जोशी और आर्मी मेजर अनिकेत चतुर्वेदी ने महज 500 रुपये में कोर्ट मैरिज की थी. पढ़िए आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग करने के बाद लाखों की नौकरी छोड़ मजिस्ट्रेट बनीं शिवांगी जोशी की पूरी कहानी.

IIT बॉम्बे की डिग्री, 10 लाख की नौकरी और 500 रुपये में शादी, SDM ने रची मिसालZoom

SDM Shivangi Joshi Deputy Collector: एसडीएम शिवांगी जोशी ने आईआईटी बॉम्बे से बीटेक किया है

नई दिल्ली (SDM Shivangi Joshi Deputy Collector). आज के दौर में शादियां करोड़ों के खर्च, भव्य डेकोरेशन और दिखावे का पर्याय बन चुकी हैं. वहीं मध्य प्रदेश से एक ऐसी खबर आई थी, जिसने समाज की सोच को नई दिशा दी. यह कहानी है जबलपुर की सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जोशी और आर्मी मेजर अनिकेत चतुर्वेदी की, जिन्होंने साल 2021 में महज 500 रुपये के खर्च में कोर्ट मैरिज कर सादगी की अनोखी मिसाल पेश की. शिवांगी जोशी की एसडीएम बनने की कहानी भी उतनी ही रोचक है.

शिवांगी जोशी की सक्सेस स्टोरी भी उनकी वेडिंग स्टोरी की तरह ही इंस्पायरिंग है. आईआईटी बॉम्बे जैसे संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद लाखों का कॉर्पोरेट पैकेज छोड़कर उन्होंने समाज की सेवा के लिए सिविल सर्विसेज का कठिन रास्ता चुना. इस सफर में उनके पिता का त्याग और भाई का गाइडेंस शामिल रहा. शिवांगी और अनिकेत की शादी की फोटोज सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होती रहती हैं. इंस्टाग्राम पर शिवांगी जोशी के 20 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

आईआईटी बॉम्बे से मजिस्ट्रेट की कुर्सी तक

शिवांगी जोशी का शैक्षणिक बैकग्राउंड बहुत प्रभावशाली है. उन्होंने देश के नंबर 1 संस्थान IIT बॉम्बे से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी होते ही उनका चयन 10 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर एक बड़ी कंपनी में हो गया. ढाई साल तक कॉर्पोरेट की चकाचौंध वाली दुनिया में काम करने के बाद शिवांगी जोशी को महसूस हुआ कि उनका असली लक्ष्य समाज से जुड़कर काम करना है. इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने अपनी हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ दी और प्रशासनिक सेवा की तैयारी में जुट गईं.

पिता का त्याग और भाई की प्रेरणा

शिवांगी जोशी के इस कठिन फैसले में उनके परिवार ने दीवार बनकर साथ दिया. उनकी तैयारी में कोई कमी न रहे, इसके लिए उनके पिता ने बैंक की नौकरी से प्री-मैच्योर रिटायरमेंट ले लिया. वहीं उनके भाई शिवेंदु जोशी (जो खुद एमपीपीएससी परीक्षा पास कर डीएसपी बने) शिवांगी के लिए सबसे बड़े मोटिवेटर साबित हुए. शिवांगी की मेहनत का आलम यह था कि वे बड़े-बड़े टॉपिक्स के ऐसे स्मार्ट नोट्स तैयार करती थीं कि महज एक शब्द या वाक्य पढ़कर उन्हें पूरा चैप्टर याद आ जाता था.

सादगी की मिसाल: कोर्ट में रचाया ब्याह

शिवांगी जोशी वर्तमान में मध्य प्रदेश के जबलपुर में सिटी मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर तैनात हैं. उन्होंने साल 2021 में भारतीय सेना के मेजर अनिकेत चतुर्वेदी के साथ जीवन बिताने का फैसला किया. पद और प्रतिष्ठा होने के बावजूद इस जोड़े ने भव्य समारोह के बजाय धार के जिला न्यायालय में बेहद सादगी से शादी करने का निर्णय लिया था. तब वह धार में पोस्टेड थीं. कोर्ट मैरिज की फॉर्मेलिटी पूरी करने में महज 500 रुपये खर्च हुए. शिवांगी जोशी ने बताया कि वह फिजूलखर्ची में यकीन नहीं करती हैं.

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Deepali PorwalWith more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें

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