Image Slider

यमुनापार में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। आलम यह है कि रात तो दूर, दिन में भी लोगों को मच्छर काट रहे हैं। लोगों का घरों में बैठना दूभर हो गया है। मच्छर काटने से लोगों के शरीर पर लाल रंग के निशान हो गए हैं। दावा है कि सफाई व्यवस्था चरमराने और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव न होने से स्थानीय निवासियों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारियों का खतरा है। इसके बावजूद अधिकारी लापरवाह बने हैं।

आरोप है कि लोगों की शिकायतों के बावजूद वह राम नगर विस्तार, जगजीवन नगर, जगतपुरी, ईस्ट नत्थू कॉलोनी, मौजपुर, जाफराबाद, लक्ष्मी नगर, शकरपुर, मंडावली और पटपड़गंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव नहीं कर रहे हैं। 

जब मामले को लेकर शाहदरा उत्तरी क्षेत्र के दिल्ली नगर निगम के अधिकारी विशाल सोयाम और शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र वार्ड समिति के अध्यक्ष राम किशोर शर्मा से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन कॉल नहीं उठाया।

कचरे और पानी में पनप रहे मच्छर

लोगों ने बताया कि यमुनापार में स्थिति बेहद चिंताजनक है। आरोप है कि निगम के सफाई कर्मचारी नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठा रहे हैं, जिसके वजह से गलियों और नालियों में कचरा जमा हो रहा है। ऐसे में जमा कचरे और रुके हुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं। 

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||