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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि भारतीय समाज ने दलितों, ओबीसी और उनकी महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव किया… यहां जो करने की कोशिश की जा रही है, वह है जाति जनगणना को दरकिनार करना. यहां वे मेरे ओबीसी भाई-बहनों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, और उनसे सत्ता छीन रहे हैं.”

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चौराहे पर बोलने और संसद में बोलने में अंतर है, ओम बिरला ने राहुल को दी हिदायतZoom

लोकसभा में ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन की मर्यादा बनाए रखने को कहा.

नई दिल्ली. लोकसभा में शुक्रवार को महिला रिज़र्वेशन और डिलिमिटेशन पर बहस के दौरान स्पीकर ओम बिरला और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी में तीखी बहस हुई. राहुल गांधी ने सदन में जादूगर की एक कहानी सुनाई, जिस पर लोकसभा स्पीकर ने आपत्ति जताई और राहुल से सदन की गरिमा बनाए रखने को कहा. ओम बिरला ने कहा, “मैं ऐसे किसी भी शब्द का इस्तेमाल किसी को नहीं करने दूंगा, भले ही वो सत्ता पक्ष से क्यों ना हो… मैं ऐसे शब्दों और भाषा की इजाजत नहीं दूंगा. ये दुनिया की सबसे बड़ी संसद है. इसकी भाषा संयमित होनी ही चाहिए. अगर आप विषय पर बोलेंगे तो मैं अलाउ करूंगा.”

लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी को भाषा को लेकर सख्त हिदायत देते हुए कहा कि चौराहे पर बोलने और संसद में बोलने में अंतर है. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा, “मैं मैजिशियन नहीं बोलूंगा, जादूगर शब्द का इस्तेमाल नहीं करूंगा.” इस दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा देखने को मिला. महिला रिज़र्वेशन और डिलिमिटेशन पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “पहला सच तो यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है. इसका महिलाओं के एम्पावरमेंट से कोई लेना-देना नहीं है. यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है.” उन्होंने कहा, “महिलाएं हमारे देश की सोच में एक ड्राइविंग फ़ोर्स हैं. हम सभी ने अपनी ज़िंदगी में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है, उनसे बहुत कुछ सीखा है…”

राहुल गांधी ने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा, “संविधान के ऊपर मनुवाद… अमित शाह जी कहते हैं कि जाति जनगणना शुरू हो गई है. उन्होंने दो बार यह बात दोहराई, चालाकी दिखाने की कोशिश करते हुए कहा कि घरों की कोई जाति नहीं होती. असली मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए किया जाएगा या नहीं. और अब, आप जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह है कि जाति जनगणना का अगले 15 सालों तक प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं होगा…”

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Rakesh Ranjan Kumarराकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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