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ईद-उल-फितर करीब आते ही बाजारों में खरीदारी तेज हो गई है। शुक्रवार को चांद दिखाई देगा और शनिवार को ईद मनाई जाएगी। चांद रात से पहले ही बाजारों में ईद की रौनक झलक रही है। बृहस्पतिवार को रिमझिम बारिश के बाद भी उर्दू बाजार, मीना बाजार, मटिया महल बाजार और चितली कबर बाजार में अकीदतमंदों को भीड़ उमड़ पड़ी। वे खजूर, सेवई, टोपी, कुर्ता, इत्र समेत अन्य वस्तुएं खरीदते दिखे।  

व्यापारियों का कहना है कि अकीदतमंद ईद को खास बनाने के लिए कई तरह के पकवान खरीद रहे हैं। इनमें सेवई, कुनाफा और शाही टुकड़ा प्रमुख हैं। व्यापारी मो. सलीम ने बताया कि पारंपरिक वस्तुओं की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। रंग-बिरंगी टोपियों, बारीक कढ़ाई वाले लखनऊ और दिल्ली के कुर्ते-पजामों की जबरदस्त बिक्री हो रही है। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने बृहस्पतिवार की शाम को इसका ऐलान किया। बुखारी ने बताया कि मुल्क के किसी भी हिस्से में चांद देखे जाने की तस्दीक नहीं हुई। ऐसे में शुक्रवार को 30 रोजे के बाद शनिवार को मुल्क भर में ईद मनाई जाएगी।

वहीं दूसरी ओर रुएत-ए-हिलाल कमेटी, इमारत-ए-शरिया की बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित बैठक हुई। इस दौरान देशभर के अलग-अलग हिस्सों में संपर्क किया गया। लगभग पूरे ही देश में कहीं पर भी चांद देखे जाने की पुष्टि  नहीं हुई। रुएत-ए-हिलाल कमेटी के सचिव नजीबुल्लाह कासमी ने बताया कि चांद की तस्दीक न होने पर शनिवार को ही देशभर में ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। 

इत्र, सेवई और फेनी की बढ़ी मांग

इत्र व्यापारी मोहम्मद शैजान ने बताया कि इस बार ऊद, कस्तूरी, शमामा और गुलाब के साथ-साथ अरबी इत्र की मांग काफी बढ़ी है। इसके अलावा बारीक फेनी से लेकर दूध वाली सेवइयों तक की जमकर खरीदारी हो रही है। इफ्तार और ईद के दस्तरख्वान की शान बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के खजूर और सूखे मेवों की दुकानों पर भी ग्राहकों का तांता लगा है।

व्यापारियों का मानना है कि ईद में एक दिन शेष रहने की वजह से मांग में काफी उछाल आई है। व्यापारी फैज अहमद ने उम्मीद जताई है कि चांद दिखने तक बाजारों में यही उत्साह और रौनक बरकरार रहेगी। अकीदतमंदों की भीड़ देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।  

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