पैलिएटिव केयर के तहत दर्द प्रबंधन और मानसिक शांति पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हरीश राणा के माता पिता पहले ही उनके कार्यशील अंगों के दान का संकल्प जता चुके हैं। हालांकि, यह मेडिकल जांच पर निर्भर करेगा। डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी हरीश राणा की देखभाल कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, जीवन बचाने के लिए कोई एक्टिव इलाज या वेंटिलेटर सपोर्ट उन्हें नहीं दिया जाएगा।
पैलिएटिव केयर में मरीज को दर्द या किसी तरह की पीड़ा होने पर राहत देना होता है। ऐसे में हरीश के कई दिनों तक एम्स में एडमिट रहने की उम्मीद है। एम्स प्रबंधन ने विशेषज्ञ डॉक्टर के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है। पांच सदस्यों की विशेष टीम में डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी शामिल हैं जो दिन-रात हरीश की देखभाल कर रहे हैं।
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