Image Slider

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर दिल्ली की तरफ से मेरठ की तरफ आते हुए एमसीडी टोल प्लाजा पार करने के बाद सोमवार तड़के करीब चार बजे एक ऐसा हादसा हुआ जिसने मानवता की सारी हदें पार कर दीं। अज्ञात वाहन ने महिला को टक्कर मारी और उसके बाद सैकड़ों वाहन ने महिला के शरीर को कुचल दिया। शव के शरीर का एक-एक अंग सड़क से चिपक गया। पुलिस ने मांस के टुकडे़ एकत्र कर मोर्चरी भिजवाए हैं। हादसे में मरने वाली महिला की शिनाख्त न हो पाई है और इसकी संभावनाएं भी कम ही जताई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के बारे में और जानकारी मिल सके।

  

रात का अंधेरा था और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर रफ्तार का जुनून सवार था। तभी एक अज्ञात वाहन ने एक महिला की जिंदगी पर ऐसा वार किया कि समय रुक गया लेकिन रफ्तार नहीं रुकी। उसकी लाश से गुजरते सैकड़ों पहियों ने इंसानियत को तार-तार कर दिया। एमसीडी टोल प्लाजा के पास सड़क पार कर रही महिला को टक्कर मारते ही उसकी सांसें थम गई होंगी लेकिन उनका शरीर थमा नहीं। एक के बाद एक, अनगिनत वाहन उनके ऊपर से गुजरते गए। किसी ने पलटकर न तो पलटकर देखा और न ही पुलिस को सूचना दी। किसी को पता ही नहीं चला कि वे किसी इंसान को कुचल रहे हैं या फिर पता था, पर रफ्तार से मतलब था, इंसान से नहीं। हादसा सुबह करीब चार बजे का था। किसी अनजान राहगीर ने रुककर पुलिस को डायल 112 पर सूचना दी तब तड़के पांच बजे पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक कोई निशान नहीं बचा था। सड़क पर बस मांस के टुकड़े बिखरे थे। उन टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मौके पर मिले कपड़ों से अंदेशा लगाया जा रहा है कि शव महिला का होगा। सर्विलांस की दो टीमें सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। हालांकि अभी तक किसी अन्य व्यक्ति ने पुलिस से परिजन के लापता होने की शिकायत भी नहीं की है। जांच की जा रही है।

 

सामूहिक मानसिकता का हुआ पोस्टमार्टम 

डीएमई पर सड़क से चिपका वह मांस किसी की बेटी, किसी की बहन या किसी की मां का हो सकता है। कोई उनके घर पर रातभर इंतजार करता रहा होगा लेकिन यहां उनकी पहचान सड़क पर रौंद दी गई। इस हादसे ने पूरे समाज की सामूहिक मानसिकता का पोस्टमार्टम कर दिया है। महिला कौन थी, कहां जा रही थी, किसकी यादों को संजोए हुए थी और किसके सपनों को अपनी आंखों में छुपाए हुए थी इस तरह के तमाम सवालों के जवाब शायद कभी न मिलें। लेकिन यह तय है कि उस रात एक्सप्रेस-वे पर सिर्फ एक महिला की मौत नहीं हुई। एक पूरा परिवार मर गया। एक पूरा रिश्ता खत्म हो गया। और सबसे बड़ी बात यह कि जिस सड़क पर रोज हजारों लोग गुजरते हैं, वहां से इंसानियत गायब हो गई।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||