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भारतीय संगीत के इतिहास में साल 2009 सुनहरे अक्षरों में दर्ज है, जब लॉस एंजिल्स का कोडेक थिएटर ‘जय हो’ की गूंज से सराबोर था. संगीतकार एआर रहमान ने एक ही रात में दो ऑस्कर जीतकर न केवल इतिहास रचा, बल्कि भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान भी दिलाई. ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए मिली यह दोहरी जीत किसी चमत्कार से कम नहीं थी. आज भी जब ऑस्कर की बात होती है, तो रहमान के हाथों में चमकती दो सुनहरे अवॉर्ड हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर देते हैं.

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एआर रहमान ने ऑस्कर में भारतीय म्यूजिक को दिलाया सम्मान.

नई दिल्ली. ऑस्कर 2026 के विनर्स का ऐलान हो चुका है. वैसे ऑस्कर में अब तक कई हिंदी फिल्में पहुंची हैं, लेकिन कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाईं. मगर भारतीय संगीत का ऑस्कर के मंच पर जमकर डंका बज चुका है. साल 2009 हर भारतीय के लिए गर्व से भरा था. दिग्गज कंपोजर और सिंगर एआर रहमान ने एक ही रात में दो ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया था. फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए मिला यह सम्मान सिर्फ रहमान की जीत नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की वैश्विक जीत थी. उस जादुई रात ने एआर रहमान को रातों-रात एक ग्लोबल आइकन बना दिया और साबित कर दिया कि भारतीय धुनें सरहदों की मोहताज नहीं होतीं.

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए ऑस्कर का सफर लंबा रहा है, लेकिन संगीत के क्षेत्र में भारत ने वो मुकाम हासिल किया है जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा. 22 फरवरी 2009 की वो तारीख भारतीय सिनेमा के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. मौका था 81वें एकेडमी अवॉर्ड्स का और पूरी दुनिया की नजरें शर्मीले और सादगी से भरे भारतीय संगीतकार एआर रहमान पर थीं. उस रात जो हुआ, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी. एआर रहमान ने एक नहीं, बल्कि दो ऑस्कर अवॉर्ड्स अपने नाम किए.

‘दीवार’ के फेमस डायलॉग से गूंज उठा था पूरा हाल

भले ही ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ एक ब्रिटिश प्रोडक्शन फिल्म थी, लेकिन इसकी ऑस्कर जीत में असली चमक भारतीय कलाकारों की ही थी. रहमान को उस साल 81वें एकेडमी अवॉर्ड्स में तीन कैटेगरीज में नॉमिनेशन मिले थे. सबसे पहले उनका नाम ‘बेस्ट ओरिजिनल स्कोर’ के लिए पुकारा गया. जब रहमान स्टेज पर पहुंचे, तो उन्होंने दीवार फिल्म की मशहूर लाइन कही- ‘मेरे पास मां है’, जिसे सुनकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. उन्होंने यह अवॉर्ड अपनी मां और उन सभी लोगों को समर्पित किया जिन्होंने उन पर भरोसा किया था.

एआर रहमान ने जीते थे दो ऑस्कर अवॉर्ड

मगर सिलसिला यहीं नहीं रुका. कुछ ही देर बाद फिल्म के मशहूर गाने जय हो के लिए उन्हें बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग की कैटेगरी में भी विजेता घोषित किया गया. एक ही रात में दो सुनहरे ऑस्कर अवॉर्ड्स हाथ में लिए एआर रहमान की तस्वीर आज भी हर भारतीय संगीत प्रेमी के दिल में बसी है. वहीं, रसूल पुकुट्टी को बेस्ट साउंड मिक्सिंग के लिए सम्मानित किया गया. दिग्गज गीतकार गुलजार साहब ने भी बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का ऑस्कर अपने नाम किया था. कुल मिलाकर, उस साल ऑस्कर के मंच पर भारतीय हुनर का डंका बजा था.

जय हो गाने की पूरी दुनिया हुई मुरीद

‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ भले ही ब्रिटिश डायरेक्टर डैनी बॉयल की फिल्म थी, लेकिन उसकी आत्मा पूरी तरह भारतीय थी. एआर रहमान ने इस फिल्म के म्यूजिक में मुंबई की झुग्गियों की हलचल, संघर्ष और जीत के अहसास को पिरोया था. जय हो गाने में सूफी संगीत का टच और मॉडर्न बीट्स का ऐसा मेल था, जिसने विदेशी जूरी को भी झूमने पर मजबूर कर दिया. पूरी दुनिया जय हो गाने की मुरीद हो गई थी.

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Kamta Prasad

साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें

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