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अरविंद केजरीवाल ने एलपीजी संकट पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने से उत्पादन और आयात प्रभावित हुआ है, जिससे होटल और उद्योग बंद हो रहे हैं.
देश में एलपीजी संकट पर अरविंद केजरीवाल ने सरकार की कड़ी आलोचना की है.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में फैले एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की वजह से भारत गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट में फंस गया है. केजरीवाल ने कहा कि एलपीजी उत्पादन में 50 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि आयात का 60 फीसदी हिस्सा हॉर्मुज स्ट्रेट से आता है, जो अब बंद हो चुका है. इससे रेस्टोरेंट, होटल और उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस वक्त देश गंभीर संकट से गुजर रहा है. एलपीजी गैस का इस्तेमाल हर घर में होता है, लेकिन भारी किल्लत हो गई है. उत्पादन 50 फीसदी कम हो गया है और आयात का 90 फीसदी हॉर्मुज से आता था, जो अब बंद है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि रेस्टोरेंट और होटल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उन्हें रोजाना सप्लाई की जरूरत होती है और स्टोरेज की सुविधा नहीं है. मुंबई में 20 फीसदी होटल और रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि तमिलनाडु में 10,000 से ज्यादा होटल बंद होने के कगार पर हैं. पंजाब और एनसीआर में भी हजारों होटल बंद होने वाले हैं. मुख्यमंत्री ने गुजरात के मोरबी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 650 उद्योगों में से 170 बंद हो गए हैं, जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो चुके हैं. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि हाल ही में डोमेस्टिक और कमर्शियल एलपीजी के दाम बढ़ा दिए गए, जिससे आम आदमी और कारोबारियों की कमर टूट गई है. केजरीवाल ने कहा- हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस का आवागमन होता है. ईरान ने कहा कि उसके दोस्त देशों को अनुमति मिलेगी, लेकिन मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से हम दुश्मन बन गए.
केजरीवाल ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी ने सबसे बड़ी गलती की है- युद्ध में किसी का पक्ष नहीं लेना चाहिए था. उन्होंने गुटनिरपेक्ष नीति का हवाला देते हुए कहा कि हमारी पुरानी नीति गुटनिरपेक्ष थी, लेकिन पीएम मोदी ने इसे नष्ट कर दिया. युद्ध से एक दिन पहले इजरायल जाने की क्या जरूरत थी? कोल्ड वॉर में भी भारत ने किसी का पक्ष नहीं लिया. अमेरिका और इजरायल के पक्ष में दिखकर ईरान जैसे पुराने दोस्त को दुश्मन बना लिया. उन्होंने ट्रंप का गुलाम बताते हुए कहा कि 140 करोड़ लोगों का देश अमेरिका की कॉलोनी बन गया है. अंग्रेजों ने शासन किया क्योंकि हम कमजोर थे, लेकिन अब अमेरिका ने हमें कमजोर कर दिया. वहां के छोटे अफसर तक देश का मजाक उड़ाते हैं. केजरीवाल ने आजादी के समय का जिक्र करते हुए कहा कि तब भारत आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन दुनिया में सम्मान था. 1971 में अमेरिका ने धमकी दी, लेकिन इंदिरा गांधी ने नहीं सुनी.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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