‘न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026’ में ‘बेस्ट फिल्म (पॉपुलर)’ का खिताब जीतने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ ने दर्शकों के बीच अपनी एक खास जगह बना ली है. अब जबकि फैंस को इसके सीक्वल ‘धुरंधर 2’ का बेसब्री से इंतजार है, तो हमने आपके लिए ऐसी 6 फिल्मों की लिस्ट तैयार की है जो आपको उसी रोमांच और साहस की दुनिया में ले जाएंगी. इस लिस्ट की दूसरी फिल्म ने न केवल सिनेमा के मायने बदले, बल्कि बॉलीवुड को मनोज बाजपेयी जैसा एक्टर भी दिया. ‘धुरंधर 2’ के सिनेमाघरों में आने से पहले इन कहानियों को देखना आपके लिए एक शानदार अनुभव होगा.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में जब भी देसी एक्शन और सस्पेंस का तड़का लगता है, तो दर्शक उसे सिर-आंखों पर बिठाते हैं. हाल ही में न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 में ‘बेस्ट फिल्म (पॉपुलर च्वाइस)’ का खिताब जीतने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर जो धमाका किया, उसकी गूंज अब तक सुनाई दे रही है. अब 19 मार्च को इसका सीक्वल भी रिलीज होने वाला है, लेकिन अगर आप भी उन दर्शकों में से हैं जिन्हें ‘धुरंधर’ की कहानी पसंद आई है, तो ‘धुरंधर 2’ के सिनेमाघरों में आने से पहले आपको कुछ बेहतरीन कल्ट क्लासिक्स और मॉडर्न थ्रिलर्स देख लेनी चाहिए. ये फिल्में न केवल आपका मनोरंजन करेंगी, बल्कि आपको उस ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ के लिए तैयार करेंगी जहां साहस और दिमाग की जंग होती है. खासकर हमारी लिस्ट की दूसरे नंबर वाली फिल्म तो ऐसी है, जिसने रातों-रात बॉलीवुड को एक ऐसा सुपरस्टार दिया, जिसने इंडस्ट्री के मायने बदल दिए, जिसे आज भी सबकी गुरु मानी जाती है.
1. सरफरोश: ‘धुरंधर’ की सफलता का एक बड़ा कारण उसका रियलिस्टिक ट्रीटमेंट था. अगर आपको पुलिस प्रोसीजरल और इंटेलिजेंस वाली फिल्में पसंद हैं, तो आमिर खान स्टारर ‘सरफरोश’ एक ‘मस्ट वॉच’ फिल्म है. जॉन मैथ्यू मैथन के निर्देशन में बनी यह फिल्म सीमा पार आतंकवाद और हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को जिस बारीकी से दिखाती है, वह आज भी बेमिसाल है.
2. सत्या (Satya): हमारी लिस्ट की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म. राम गोपाल वर्मा की ‘सत्या’ ने न केवल हिंदी सिनेमा में ‘गैंगस्टर ड्रामा’ की परिभाषा बदली, बल्कि इस फिल्म ने बॉलीवुड को एक नया सुपरस्टार दिया- मनोज बाजपेयी. ‘भीखू मात्रे’ के किरदार में मनोज बाजपेयी ने जो जान फूंकी थी, उसने उन्हें रातों-रात इंडस्ट्री का सबसे बड़ा टैलेंट बना दिया. अगर आपको ‘धुरंधर’ के ग्रे शेड्स वाले किरदार पसंद आए हैं, तो ‘सत्या’ के बिना आपकी फिल्म लिस्ट अधूरी है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
3. अब तक छप्पन: नाना पाटेकर की यह फिल्म उन लोगों के लिए है जो सिस्टम के भीतर रहकर सिस्टम की सफाई करने वाली कहानियों के दीवाने हैं. ‘धुरंधर’ में हमने देखा कि कैसे नायक अपने लक्ष्यों को पाने के लिए नियमों की सीमा लांघता है. ‘अब तक छप्पन’ के साधु आगाशे का किरदार भी कुछ ऐसा ही है. इसकी सादगी और बिना किसी ‘ओवर-द-टॉप’ ड्रामे के दिखाई गई हिंसा आपको फिल्म से बांधे रखेगी.
4. दृश्यम: एक्शन सिर्फ गोलियों से नहीं, बल्कि दिमाग से भी लड़ा जाता है. ‘धुरंधर’ में सस्पेंस की जो परतें थीं, वैसी ही कशमकश आपको ‘दृश्यम’ में देखने को मिलेगी. विजय साल्गांवकर का अपने परिवार को बचाने के लिए बुना गया झूठ का जाल आपको हर पल रोमांचित करेगा. ‘धुरंधर 2’ से पहले यह फिल्म देखना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह आपको ‘परसेप्शन’ के खेल को समझने में मदद करती है.
5. गैंग्स ऑफ वासेपुर: अगर ‘धुरंधर’ का देसी मिजाज और संवाद आपको भाए हैं, तो अनुराग कश्यप की इस मास्टरपीस को दोबारा देखने का यह सही समय है. कोयला माफिया, खानदानी दुश्मनी और सत्ता की भूख- यह फिल्म एक लंबा सफर तय करती है. इसके डायलॉग्स और किरदार आज भी मीम्स और पॉपुलर कल्चर का हिस्सा हैं. ‘धुरंधर 2’ में जिस तरह के डार्क ह्यूमर की उम्मीद की जा रही है, उसकी नींव इसी तरह की फिल्मों ने रखी है.
6. मद्रास कैफे: अक्सर ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों की तुलना अंतरराष्ट्रीय स्पाई थ्रिलर्स से की जाती है. जॉन अब्राहम की ‘मद्रास कैफे’ बॉलीवुड की उन चुनिंदा फिल्मों में से है जो राजनीति और गृहयुद्ध के बीच जासूसी के काम को बहुत ही संजीदगी से पेश करती है. ‘धुरंधर 2’ के आने से पहले यह फिल्म आपको यह समझने में मदद करेगी कि एक ‘धुरंधर’ खिलाड़ी बनने के लिए कितनी कुर्बानियां देनी पड़ती हैं.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



