Image Slider


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आज शाम आने वाली JDU के राज्यसभा प्रत्याशियों की लिस्ट में उनका नाम हो सकता है। वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा चल रही है। पार्टी ने अब तक इस चर्चा का खंडन नहीं किया है। बताया जा रहा है कि आज शाम 6 बजे तक JDU अपने दोनों प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर देगी। भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना तय है। उन्होंने अपने नामांकन से जुड़ी सभी प्रक्रिया पूरी कर ली है। निशांत और अपने नाम को लेकर अभी नीतीश कुमार गहन मंथन कर रहे हैं। इस बीच दिल्ली से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा आज पटना पहुंच गए हैं। सियासी हालातों को देखते हुए ये 3 सिचुएशन बन रही है चिराग बोले- नीतीश कहीं नहीं जा रहे बिहार में मुख्यमंत्री बदले जाने को लेकर चिराग पासवान ने कहा, ‘ऐसी कोई चर्चा नहीं है। ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व में हमारी सरकार बिहार में चल रही है। उन्होंने कहा- 200 से अधिक सीटों के साथ हम लोग बिहार में सरकार चला रहे हैं। हम लोग बिहार में मुख्यमंत्री बदलने जा रहे हैं ऐसी कोई चर्चा नहीं है। हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के डबल इंजन वाली सरकार ऐसी ही बिहार में चलती रहेगी।’ अगर निशांत राज्यसभा जाते हैं तो इसके 2 बड़े मायने 1. नीतीश रिटायर होने वाले हैं नीतीश कुमार 76वें साल में प्रवेश कर गए हैं। उनके साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें है। ऐसे में समय-समय पर पार्टी के अंदर और बाहर उनके उत्तराधिकारी की मांग होती रहती है। JDU कार्यालय के बाहर भी कई मौकों पर नीतीश के बाद निशांत का नारा लिखा पोस्टर लग चुका है। 2. JDU का भविष्य तय निशांत कुमार के राज्यसभा जाते ही JDU का भविष्य तय हो जाएगा। मतलब कि पार्टी नीतीश के बाद भी चलती रहेगी, खत्म नहीं होगी। फिलहाल पार्टी में कोई बड़ा नेता नहीं है। 2 पॉइंट में नीतीश ने निशांत को कैसे JDU की मजबूरी बनाया 1. सेकेंड लाइन नेताओं को किया किनारे 2003 में बनी JDU बीते 23 साल से नीतीश की छांव में ही चल रही है। नीतीश कुमार ही चेहरा हैं। दूसरे नंबर पर जरूर कुछ नेता पहुंचे, लेकिन वे लंबे समय तक टिक नहीं पाए या टिकने नहीं दिया गया। 2. प्रशांत के नाम से भाजपा निशांत पर मानी पिछले 30 सालों की बिहार की राजनीति को देखें तो यहां हमेशा तीसरी धुरी रही है। तीसरी धुरी का नेतृत्व नीतीश कुमार करते हैं। ——————— ये खबर भी पढ़िए क्या ज्योति के कारण पवन सिंह नहीं जा पाए राज्यसभा:निगेटिव इमेज, अनुशासन तोड़ना पड़ा महंगा, कैसे कुशवाहा ने पछाड़ा? भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह, जिन्होंने लाखों-करोड़ों दिलों पर राज किया। विधानसभा चुनाव में NDA के लिए जी-जान से जुटे। कार्यकर्ताओं में जोश भरा… मगर जब राज्यसभा की बारी आई, तो भाजपा ने टिकट नहीं दिया। दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात। गुंजन सिंह का ‘लगभग तय’ वाला दावा। सोशल मीडिया पर ‘पक्का हो गया’ की अफवाहें सब कुछ था, लेकिन अंत में नाम नहीं आया।एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…पवन सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी क्यों नहीं बनाया।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||