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होमworldईरान युद्ध पर स्पेन ने दिखाए अमेरिका को तेवर, फाइटर जेट लौटाए, फिर दो टूक जवाब

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Iran US War: अमेरिका-ईरान के बीच जो युद्ध चल रहा है, उसे लेकर दुनिया के सभी देश धीरे-धीरे अपना रुख साफ कर रहे हैं. कुछ देशों ने इस कार्रवाई को गलत ठहराया है तो कुछ तटस्थ बनकर शांति की बात कर रहे हैं. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप को नाटो देश स्पेन ने सीधा झटका दिया है. उसने साफ कहा है कि आप युद्ध करेंगे, तो हम आपका साथ नहीं देंगे.

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स्पेन ने अमेरिका को दिया दो टूक जवाब.

ईरान-अमेरिका के बीच छिड़े यु्द्ध को लेकर दिन बढ़ने के साथ-साथ समीकरण भी बदलते हुए नजर आ रहे हैं. एक तरफ अमेरिका की छत्रछाया वाले खाड़ी देश उसके छेड़े गए युद्ध का बुरा नतीजा भुगत रहे हैं, वहीं अब नाटो में शामिल देश भी डोनाल्ड ट्रंप की इस कार्रवाई से किनारा करने लगे हैं. हाल ही में स्पेन ने अमेरिका के करीब 15 फाइटर जेट अपने बेस पर उतरने से पहले ही लौटा दिए थे. इस बात पर नाराज डोनाल्ड ट्रंप को और भी ज्यादा भड़काने का काम करते हुए स्पेन के पीएम ने साफ कर रदिया है कि वो अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई में शामिल नहीं होगा.

स्पेन ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी रुख से साफ दूरी बना ली है. स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो संचेज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि स्पेन की सरकार का रुख साफ है- ‘नो टू वॉर’ यानी युद्ध को मनाही. उन्होंने कहा कि सरकारों का काम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना और समस्याओं का समाधान करना है, न कि हालात को और खराब करना. उनके अनुसार यह बिल्कुल अस्वीकार्य है कि कुछ नेता अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए युद्ध का सहारा लें और इस प्रक्रिया में कुछ लोगों को फायदा पहुंचाएं।

अमेरिका के जख्म पर छिड़का नमक

  1. सांचेज़ ने 23 साल पहले हुए इराक युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी एक अमेरिकी प्रशासन ने मध्य पूर्व में युद्ध छेड़ा था. दावा किया गया था कि यह कार्रवाई सद्दाम हुसैन के कथित विनाशकारी हथियारों को खत्म करने, लोकतंत्र लाने और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, लेकिन बाद में हालात इसके उलट साबित हुए.
  2. उन्होंने कहा कि इराक युद्ध के बाद यूरोप ने बर्लिन दीवार गिरने के बाद की सबसे बड़ी असुरक्षा की लहर देखी. जिहादी आतंकवाद में भारी वृद्धि हुई, पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में गंभीर शरणार्थी संकट पैदा हुआ और ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया.

ईरान के मुद्दे पर सांचेज़ ने कहा कि स्पेन की नीति स्पष्ट और सुसंगत है. वही रुख उन्होंने यूक्रेन और गाजा के मामले में भी अपनाया है –

पहला, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि यही कानून आम नागरिकों और कमजोर लोगों की रक्षा करता है. दूसरा, दुनिया की समस्याओं का समाधान बम और युद्ध से नहीं हो सकता और तीसरा, अतीत की गलतियों को दोहराया नहीं जाना चाहिए.

स्पेन ने अमेरिका के फाइटर जेट लौटाए

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्पेन ने अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने कुछ ठिकानों पर उतरने की अनुमति देने में सख्ती दिखाई और साफ किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी हमले के लिए नहीं होना चाहिए. यह कदम दर्शाता है कि नाटो का सदस्य होने के बावजूद स्पेन इस मुद्दे पर अमेरिका, खासकर ट्रंप प्रशासन के साथ बिना शर्त खड़ा नहीं है. हालांकि इसके बदले डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेन के साथ डील कैंसिल करने की भी बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही है.

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Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें

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