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लंदन के लिए सीधी उड़ानें न मिलने के कारण यात्रियों के पास अब ‘वन-स्टॉप’ उड़ानों का ही सहारा बचा है, लेकिन यहां भी मुसीबत कम नहीं है. जो सफर चंद घंटों में पूरा हो जाता था, अब वह दुबई या अन्य खाड़ी देशों के चक्कर काटते हुए 25 से 30 घंटे तक खिंच रहा है.

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लंदन जाना अब 'आम' बात नहीं, एक तरफ का किराया ₹9 लाखZoom

सीधी उड़ानें न मिलने के कारण यात्रियों के पास अब ‘वन-स्टॉप’ उड़ानों का ही सहारा बचा है.

नई दिल्‍ली. अगर आप लंदन जाने का सपना देख रहे हैं, तो अपना कलेजा थाम लीजिए. भारत से लंदन जाने वाले रूट पर इस वक्त जो मंजर है, वो आपको डरा ही देगा. ईरान-इजरायल की जंग ने यात्रियों का बजट और सुकून दोनों ही छीन लिया है. हवाई टिकटों की बुकिंग साइट्स खंगालेंगे तो आपकी आंखें फटी की फटी रह जाएंगी. दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद से लंदन के लिए सीधी (Non-stop) उड़ानें लगभग गायब हो चुकी हैं. अगर कहीं गलती से एक आधी सीट दिख भी रही है, तो उसकी कीमत सुनकर अच्छे-भले रईस के पसीने छूट जाएं. 6 मार्च को दिल्ली से लंदन के लिए एकमात्र सीधी उड़ान वर्जिन अटलांटिक की बची है, जिसका एक तरफ का किराया ₹9.12 लाख के पार पहुंच गया है. यानी 10 घंटे के सफर के लिए आपको एक लग्जरी कार जितनी कीमत चुकानी होगी.

News18.com की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीधी उड़ानें न मिलने के कारण यात्रियों के पास अब ‘वन-स्टॉप’ उड़ानों का ही सहारा बचा है, लेकिन यहां भी मुसीबत कम नहीं है. जो सफर चंद घंटों में पूरा हो जाता था, अब वह दुबई या अन्य खाड़ी देशों के चक्कर काटते हुए 25 से 30 घंटे तक खिंच रहा है. किराया भले ही ₹44,000 के आसपास मिल जाए, लेकिन लेओवर (Layover) इतना लंबा है कि यात्री हवाई अड्डों के लाउंज और कुर्सियों पर ही सो रहे हैं.

मुंबई-लंदन रूट पर भी सीधी फ्लाइट नहीं

मुंबई से लंदन रूट पर भी सीधी उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं. दुबई के रास्ते एमिरेट्स की वन-स्टॉप उड़ानों का किराया करीब ₹28,266 से शुरू होता है और कुल यात्रा समय लगभग 26 घंटे का है. अन्य कनेक्टिंग उड़ानों का किराया ₹30,000 से ऊपर है, जो आगमन हवाईअड्डे और लेओवर की अवधि पर निर्भर करता है. कुछ यात्राओं में 30 घंटे से अधिक समय लग रहा है, जो मौजूदा रूटिंग चुनौतियों को दर्शाता है.

युद्ध ने बदल दिए रास्‍ते

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण एयरलाइंस ने अपने शेड्यूल और एयरस्पेस यूज में बदलाव किए हैं. इससे भारत–यूके जैसी लंबी दूरी की उड़ानों की क्षमता प्रभावित हुई है, जिसके चलते यात्रियों को ऊंचे किराए, लंबा यात्रा समय और सीमित विकल्पों का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद भारत सरकार मध्य पूर्व के विभिन्न हिस्सों में एयरस्पेस की स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर इसके प्रभाव का आकलन कर रही है.

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