देशभर सहित दिल्ली में शनिवार से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जीटीबी अस्पताल से अभियान का शुभारंभ किया। दिल्ली में अगले तीन महीनों में 14 वर्ष की लगभग 1.6 लाख किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
टीकाकरण की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी ताकि दोहराव की स्थिति से बचा जा सकें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह टीका केवल एक चिकित्सा पहल नहीं है बल्कि हमारी बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है। दिल्ली के 600 से अधिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और लगभग चार हजार विशेष टीकाकरण सत्रों के माध्यम से अगले तीन महीनों में लगभग 1.6 लाख बालिकाओं को यह सुरक्षा कवच प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस राष्ट्रीय संकल्प के साथ पूर्ण प्रतिबद्धता से दिल्ली आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीटीबी अस्पताल से अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई है। हमारी बेटियां देश का भविष्य हैं। यह मुफ्त टीकाकरण अभियान आर्थिक बाधाओं को समाप्त कर समाज के हर वर्ग की बालिका को एक सुरक्षित और कैंसर मुक्त जीवन का अधिकार देगा।
टीकाकरण अभियान के शुभारंभ के मौके पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, शाहदरा के विधायक संजय गोयल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण कदम : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से एचपीवी टीकाकरण अभियान का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया गया है, जो सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली में इस अभियान को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 14 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए महिलाओं की स्क्रीनिंग, जांच और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित
की जाएगी।
604 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगेगा टीका
दिल्ली सरकार ने अगले तीन महीनों में लगभग 1.6 लाख 14 वर्षीय बालिकाओं को इस अभियान के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दिल्ली के 604 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए करीब चार हजार विशेष सत्र आयोजित होंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे। जिसमें आशा कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
यू-विन पोर्टल से होगी निगरानी
टीकाकरण की दोहराव की स्थिति से बचने के लिए लाभार्थियों की उंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी यू-विन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। बता दें कि देश में महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष देश में लगभग 1.27 लाख नए मामले सामने आते हैं। करीब 80,000 महिलाओं की मृत्यु इस बीमारी के कारण होती है। 99 प्रतिशत से अधिक मामले हाई रिस्क एचपीवी वायरस के कारण होते हैं। जिनसे बचाव के लिए यह टीका 93 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक प्रभावी है।
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