यह मंदिर, भगवान शिव के चमत्कार से जुड़ा माना जाता है. उनका कहना है कि प्राचीन समय में जब राजा युद्ध पर जाते थे, तो यहां आकर अपना मुकुट चढ़ाते थे. ऐसी मान्यता है कि इससे उन्हें युद्ध में विजय प्राप्त होती थी. इसके अलावा, जब वर्षा नहीं होती थी, तो लोग शिवलिंग को जल में डुबो देते थे, जिससे इंद्र देव प्रसन्न होकर वर्षा करते थे.
मुकुट नाथ धाम मंदिर
हम बात कर रहे हैं अमेठी जिले के ताला गांव में स्थित मुकुट नाथ धाम मंदिर की. यह प्राचीन मंदिर एक महत्वपूर्ण धरोहर के रूप में जाना जाता है. स्थानीय लोगों और मंदिर के पुजारी के अनुसार, मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है. मंदिर परिसर में आज भी खंडित मूर्तियां मौजूद हैं, जो इसकी प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व की गवाही देती हैं. इस मंदिर की मान्यताएं भी काफी विशिष्ट हैं.
क्या है मान्यताएं
मंदिर के पुजारी कामतानाथ बताते हैं कि यह मंदिर, भगवान शिव के चमत्कार से जुड़ा माना जाता है. उनका कहना है कि प्राचीन समय में जब राजा युद्ध पर जाते थे, तो यहां आकर अपना मुकुट चढ़ाते थे. ऐसी मान्यता है कि इससे उन्हें युद्ध में विजय प्राप्त होती थी. इसके अलावा, जब वर्षा नहीं होती थी, तो लोग शिवलिंग को जल में डुबो देते थे, जिससे इंद्र देव प्रसन्न होकर वर्षा करते थे. पुजारी के अनुसार, यह मंदिर इतना प्राचीन है कि पांडवों ने भी यहां आकर पूजा-अर्चना की थी. लोग आज भी अपनी मनोकामनाओं को लेकर भगवान शिव के दरबार में आते हैं और विश्वास करते हैं कि यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता.
लोगों की मनोकामनाएं होती हैं पूरी
मंदिर में आए एक श्रद्धालु ने बताया कि वह हर सोमवार यहां दर्शन के लिए आते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. उनका मानना है कि भगवान शिव की कृपा से आज तक कोई भी भक्त यहां से निराश नहीं लौटा. यह मंदिर अत्यंत दिव्य है और भगवान की कृपा सभी पर बनी रहती है.
क्या है मंदिर का लोकेशन
यह मंदिर अमेठी तहसील मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर और गौरीगंज जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. विशेष रूप से सोमवार और शुक्रवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और दूर-दूर से भक्त यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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