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Political News Today: बीजेपी ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर ‘डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट का नारा दोहराया है. पार्टी ने कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए. गृह मंत्री अमित शाह भी इस मुद्दे पर विपक्ष को घेर चुके हैं. वहीं, कांग्रेस समेत विपक्षी दल SIR प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि इससे लाखों योग्य मतदाताओं के नाम कट सकते हैं.

Detect. Delete. Deport: SIR पर बवाल के बीच BJP ने खींच दी नई लक्ष्‍मण रेखाZoom

बीजेपी ने हार्ड लाइन पकड़ ली है. (File Photo)

बीजेपी ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर अपना सबसे हार्डकोर और सख्त अवतार दिखाते हुए नया स्लोगन मार्केट में उतार दिया है और वो है “Detect. Delete. Deport.”. गृह मंत्री अमित शाह का यह सीधा विजन है: पहले घुसपैठियों को पहचानो, फिर वोटर लिस्ट से उनका पत्ता काटो और फिर देश से बाहर का रास्ता दिखाओ. लेकिन दूसरी तरफ, चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस और पूरा विपक्ष इस अभियान को लोकतंत्र पर हमला बताकर सड़कों पर उतर चुका है और रैलियों की बौछार कर रहा है. एक तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा की दुहाई, तो दूसरी तरफ फर्जी वोटरों के नाम पर छिड़ी यह महाभारत. बीजेपी के इस 3-वर्ड वाले फॉर्मूले ने इंडियन पॉलिटिक्स में ऐसा ड्रामेटिक मोड़ ला दिया है कि हर कोई बस यही देख रहा है कि आगे क्या होने वाला है.

Detect. Delete. Deport, बीजेपी का नया पॉलिटिकल स्लोगन
बीजेपी ने एक्स X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “तीन शब्द. एक संकल्प. Detect. Delete. Deport.” यह स्लोगन गृह मंत्री अमित शाह के उस स्टैंड को दिखाता है, जिसमें वे लगातार अवैध घुसपैठियों के वोटर लिस्ट में शामिल होने का मुद्दा उठाते रहे हैं. सरकार का सीधा कहना है कि फर्जी तरीके से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले घुसपैठियों की पहचान की जाएगी, उनके नाम हटाए जाएंगे और उन्हें देश से बाहर निकाला जाएगा. गृह मंत्री ने विपक्षी रैलियों को “घुसपैठिया बचाओ यात्रा” तक करार दे दिया है.

आखिर क्या है SIR कंट्रोवर्सी?
यह पूरा विवाद चुनाव आयोग के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) एक्सरसाइज को लेकर शुरू हुआ है. SIR का मकसद मतदाता सूचियों को अपडेट करना है, जिसमें मृत, डुप्लीकेट, पते बदलने वाले और फर्जी वोटरों के नाम सूची से बाहर किए जाते हैं. सरकार का दावा है कि निष्पक्ष चुनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह सफाई बेहद जरूरी है.

विपक्ष ने धांधली का लगाया आरोप
दूसरी ओर, कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इस प्रक्रिया पर भड़का हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि इस अभियान के जरिए लाखों वैध वोटरों और वंचित तबके के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग में पारदर्शिता की भारी कमी है और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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