करोल बाग के गफ्फार मार्केट में शुक्रवार को भीषण आग लगने के बाद चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने दिल्ली सरकार से अपील की है। संगठन ने 20 भीड़भाड़ वाले बाजारों में भाई दूज तक चौबीसों घंटे दमकल तैनात करने की मांग की है। साथ ही, ऐसी घटनाओं से प्रभावित कारोबारों के लिए 100 करोड़ रुपये का राहत कोष भी मांगा है।
सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल बोले- सिर्फ जांच नहीं, ठोस मदद चाहिए
यह आग धनतेरस की सुबह गफ्फार मार्केट की चेन वाली गली में लगी थी। आग बुझाने के लिए 22 दमकल गाड़ियां लगाई गईं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने बताया कि संकरी गलियों और भारी भीड़ के कारण दमकल वाहनों को पहुंचने में देरी हुई। दिवाली से ठीक दो दिन पहले हुई इस घटना ने व्यापारियों में चिंता बढ़ा दी है। सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली के बाजारों में हर साल दिवाली के आसपास आग लगती है। लेकिन व्यापारियों को अक्सर तत्काल सहायता नहीं मिल पाती है। उन्होंने इस बार केवल जांच नहीं, बल्कि दो ठोस कार्रवाई की मांग की है।
सीएम रेखा से सीटीआई की दो बड़ी मांगें
पहली मांग के तहत, 11 नवंबर को भाई दूज तक 20 प्रमुख बाजारों में 24 घंटे दमकल, पानी के टैंकर और अग्निशमन दल तैनात किए जाएं। इन बाजारों में करोल बाग, गफ्फार मार्केट, सदर बाजार, चांदनी चौक, लाजपत नगर और कनॉट प्लेस शामिल हैं। गोयल ने कहा कि दिवाली के दौरान बाजारों में दमकल तैनात होने चाहिए। सीटीआई ने यह भी मांग की है कि दिवाली और भाई दूज तक इन बाजारों में दमकल और एंबुलेंस के लिए एक लेन खाली रखी जाए। इससे आपातकालीन वाहन बिना देरी के प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सकेंगे।
व्यापारियों के लिए राहत कोष
अपनी दूसरी मांग के रूप में, व्यापारियों के संगठन ने दिल्ली सरकार से 100 करोड़ रुपये का ‘ट्रेडर्स फायर डिजास्टर फंड’ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, आग से प्रभावित छोटे व्यापारियों को सात दिनों के भीतर 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता या ब्याज-मुक्त ऋण मिलना चाहिए। सीटीआी ने सुझाव दिया कि यह सहायता एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर जारी की जाए। व्यापारियों को एफआईआर, दमकल विभाग की रिपोर्ट या बीमा दस्तावेज का इंतजार न करना पड़े। दिवाली जैसे व्यस्त कारोबारी समय में 48 घंटे के भीतर राहत देने की मांग की है।