दिल्ली-एनसीआर में सांसों पर संकट गहरा गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप-2 के दूसरे चरण के आपातकालीन उपाय लागू होने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में नवंबर के पहले ही सप्ताह में ही हवा की गुणवत्ता गंभीर व खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुकी है।
मंगलवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 353 दर्ज िकया गया। दिल्ली के सभी 57 निगरानी केंद्रों में से किसी भी स्टेशन की हवा साफ नहीं रही। 11 केंद्रों पर एक्यूआई 400 के पार यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। 23 स्टेशनों पर 350 और 35 केंद्रों पर 300 के पार रहा। कम एक्यूआई वाले क्षेत्र के नाम पर बचे 11 केंद्र भी खराब श्रेणी में ही रहे।
वहीं, एनसीआर के नौ शहरों का एक्यूआई 300 के पार रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में है। सर्वाधिक एक्यूआई बागपत का 360 दर्ज किया गया। प्रदूषण और जहरीली धुंध से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली की हवा में अत्यधिक महीन कण (पीएम 2.5) वाले प्रदूषक पाए गए हैं, जो सांस के जरिये फेफड़ों में पहुंचते हैं और गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।
जहांगीरपुर की हवा सबसे खराब, 461 पहुंच गया एक्यूआई, रोहिणी में 447
दिल्ली के जहांगीरपुरी में एक्यूआई 461, रोहिणी में 447, पंजाबी बाग में 445, डीटीयू में 442, अलीपुर में 430, विवेक विहार में 426, मुंडका और नरेला में 422, बवाना में 420 एक्यूआई दर्ज किया गया।
- एनसीआर में दिल्ली-बागपत के अलावा गाजियाबाद के खोड़ा में एक्यूआई 318, मोदीनगर 305, हरियाणा के बहादुरगढ़ में 324, वल्लभगढ़ में 319, गुरुग्राम में 305 और मानेसर में 309 दर्ज किया गया है। एनसीआर के 32 में 21 शहरों में एक्यूआई 200 के पार रहा
खुलेआम बिकने लगे पटाखे,सुप्रीम कोर्ट ने कहा-सरकार जांच करे
दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध में सीमित छूट देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बाजारों में खुलेआम पटाखे बिकने की रिपोर्ट है। एक अखबार में प्रकाशित इस रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने गंभीर चिंता जताई और केंद्र सरकार से कथित उल्लंघनों की जांच करने को कहा। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आदेश के अगले ही दिन बाजारों में अलग-अलग किस्म के पटाखे उपलब्ध थे।
- न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वह इस मामले को देखें
- पीठ ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बाजारों में लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाले, क्यूआर कोड के साथ और बिना क्यूआर कोड के पटाखे बिक रहे हैं
एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए ड्रोन और विशेष टीमें तैनात
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए ड्रोन और विशेष टीमें तैनात की गई हैं। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, 15 सितंबर से एक नवंबर के बीच पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 38% और हरियाणा में 64% की कमी आई है। इस दौरान धान की भूसी का औद्योगिक बॉयलरों व बायोगैस संयंत्रों में उपयोग भी दोगुना हुअा है। एनसीआर में जाम कम करने के लिए 233 हॉटस्पॉट की पहचान की गई है।
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