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  • दुकानों के स्टॉक से लेकर पीओएस मशीन तक की होगी जांच, पुराने माल की बिक्री पर भी रहेगी पैनी नजर
  • नियमों का उल्लंघन मिला तो दुकानदार के साथ संबंधित आबकारी निरीक्षक की भी तय होगी जवाबदेही
  • धनतेरस से दीपावली तक शराब की मांग के अनुरूप आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। दीपावली के त्योहार पर शराब की बढ़ती मांग को देखते हुए आबकारी विभाग ने अपनी निगरानी व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। धनतेरस से लेकर मुख्य दीपावली तक शराब की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढऩे और कारोबार में तेजी आने की संभावना है। ऐसे में अवैध शराब की बिक्री, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, नकली शराब की आपूर्ति और बिना अनुमति आयोजित होने वाली शराब पार्टियों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने विशेष तैयारी की है। राजधानी लखनऊ में जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान ने कमान संभालते हुए सभी आबकारी निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान दुकानों के संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को केवल कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय लगातार फील्ड में सक्रिय रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

आबकारी विभाग के अनुमान के मुताबिक दीपावली के तीन दिनों में प्रदेश में करीब 550 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हो सकती है। धनतेरस से ही शराब का कारोबार जोर पकडऩे लगता है। इसी संभावित मांग को देखते हुए जिलों में खपत का आकलन कर दुकानों तक पर्याप्त स्टॉक पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। विभाग की प्राथमिकता है कि त्योहार के दौरान दुकानों पर शराब की उपलब्धता बनी रहे, लेकिन इस आड़ में कोई अनुज्ञापी नियमों का उल्लंघन न कर सके। जिला आबकारी अधिकारी ने निरीक्षकों को दुकानों की नियमित जांच करने, बिक्री की स्थिति पर नजर रखने और ग्राहकों से संवाद कर वास्तविक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। जिला आबकारी अधिकारी के निर्देशों का असर मंगलवार को राजधानी में दिखाई दिया। आबकारी निरीक्षक राहुल सिंह, विवेक सिंह, रिचा सिंह, रेखा श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, प्रदीप शुक्ला, अखिलेश चौधरी, नेहा सिंह, मोनिका यादव, रामश्याम त्रिपाठी, शिखर मल्ल, विजय राठी और संजय पाण्डेय ने अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंसी शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान केवल दुकानों की बाहरी व्यवस्था ही नहीं देखी गई, बल्कि अंदर रखे शराब के स्टॉक का भी बारीकी से मिलान किया गया। अधिकारियों ने यह जांच की कि दुकानों पर उपलब्ध शराब नियमानुसार है या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि विक्रेता पुराने स्टॉक को नए माल के साथ मिलाकर बेच रहे हों अथवा दुकान में अवैध शराब रखी गई हो। विशेष रूप से वर्ष 2024-25 से पूर्व के माल और संदिग्ध स्टॉक की जांच की गई। अनुज्ञापियों को निर्देश दिए गए कि दुकानों पर त्योहार की मांग के अनुसार पर्याप्त स्टॉक रखें, लेकिन किसी भी स्थिति में अनधिकृत या नियम विरुद्ध माल की बिक्री न करें। विभाग का मकसद साफ है कि ग्राहकों को निर्धारित ब्रांड की सही शराब मिले और सरकारी राजस्व को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

पीओएस मशीन से बिक्री और ओवररेटिंग पर रहेगी नजर
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान ने दुकानों पर शराब की बिक्री को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पीओएस मशीन के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। सभी आबकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच करें कि दुकानों पर प्रत्येक बिक्री निर्धारित प्रक्रिया के तहत हो रही है या नहीं। ग्राहक से निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूलने की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही निरीक्षकों को दुकानों पर पहुंचकर ग्राहकों से बातचीत करने और यह जानने के लिए कहा गया है कि उन्हें शराब खरीदने में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।

शराब की बोतलों पर लगे क्यूआर कोड और बारकोड को स्कैन कर खरीदारी करने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। बोतल का कोड स्कैन करने पर मोबाइल ऐप के माध्यम से शराब के ब्रांड, निर्माण तिथि, बैच नंबर और संबंधित दुकान को आवंटन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इससे नकली या संदिग्ध शराब की पहचान करने और ओवररेटिंग पर रोक लगाने में मदद मिलती है। विभाग की ओर से ग्राहकों को भी सलाह दी जा रही है कि शराब खरीदते समय बोतल का क्यूआर कोड जरूर स्कैन करें और निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान न करें।

देहात में अवैध शराब के निर्माण पर भी शिकंजा
शहरी दुकानों के साथ देहात क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को लेकर भी जिला आबकारी अधिकारी ने टीमों को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने आबकारी निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में मुखबिर तंत्र सक्रिय रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ लगातार दबिश देने की तैयारी की गई है। त्योहार के दौरान निजी आयोजनों, होटलों और रेस्टोरेंट में बिना लाइसेंस या जरूरी अनुमति के शराब परोसने वाली पार्टियों पर भी विभाग की निगरानी रहेगी। ऐसे आयोजनों की जानकारी मिलने पर छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी।

जिला आबकारी अधिकारी ने आबकारी निरीक्षकों और अनुज्ञापियों को साफ निर्देश दिए हैं कि दुकानों का संचालन पूरी तरह नियमों के अनुरूप होना चाहिए। किसी दुकान से अवैध शराब की बिक्री, ओवररेटिंग या अन्य अनियमितता सामने आने पर संबंधित अनुज्ञापी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, यदि किसी दुकान के आसपास अवैध शराब की बिक्री होती पाई गई तो संबंधित क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक की भूमिका की भी जांच होगी और उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। यानी त्योहार के दौरान निगरानी में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को भी जवाब देना होगा। आबकारी विभाग की इस सख्ती का उद्देश्य दीपावली पर शराब के कारोबार को व्यवस्थित रखने के साथ नकली और अवैध शराब पर रोक लगाना तथा सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

-करुणेन्द्र सिंह सचान
जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ।

दीपावली पर्व के दौरान शराब की बिक्री में पारदर्शिता और नियमों का पालन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी दुकान पर ओवररेटिंग, अवैध शराब या स्टॉक में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी आबकारी निरीक्षकों को लगातार क्षेत्र में रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई होगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि त्योहार पर अवैध शराब पर अंकुश लगे और उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण शराब उपलब्ध हो।
-करुणेन्द्र सिंह सचान
जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ।

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