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  • नाइट क्लब, बार और रेस्टोरेंट में बिना लाइसेंस शराब परोसने व दूसरे राज्यों की मदिरा बेचने का मामला
  • एडीएम सिटी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम के औचक निरीक्षण में मिली थीं गंभीर अनियमितताएं
  • आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के निर्देश पर कार्रवाई, मेरठ के उप आबकारी आयुक्त को सौंपी गई विभागीय जांच

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले के नाइट क्लबों, बार और रेस्टोरेंट में अवैध रूप से शराब परोसने और दूसरे राज्यों की मदिरा की बिक्री के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और आबकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप में जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शुक्रवार को आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश पर शासन ने निलंबन का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई से आबकारी विभाग में खलबली मच गई है। शासनादेश के अनुसार, संजय कुमार की तैनाती के दौरान गाजियाबाद के विभिन्न नाइट क्लबों, बार और रेस्टोरेंट में बिना जरूरी लाइसेंस शराब परोसे जाने की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर की संयुक्त प्रशासनिक टीम गठित की गई थी।

टीम ने कई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान शराब बिक्री और परोसने से जुड़े नियमों के उल्लंघन की गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में कुछ क्लबों और बार में बिना आकस्मिक बार लाइसेंस के शराब परोसे जाने की बात सामने आई। इसके अलावा दूसरे राज्यों में बिक्री के लिए निर्धारित शराब की उत्तर प्रदेश में अवैध बिक्री किए जाने का मामला भी उजागर हुआ। शासन ने इन अनियमितताओं को आबकारी नियमों के उल्लंघन और अवैध मदिरा की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने में विभागीय लापरवाही से जोड़कर देखा है। शासन ने प्रथम दृष्टया जिला आबकारी अधिकारी को उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3 (1) और 3 (2) के उल्लंघन का दोषी मानते हुए निलंबित किया है।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली, 1999 के नियम-4 के तहत की गई है। निलंबन अवधि में संजय कुमार को आबकारी आयुक्त कार्यालय, प्रयागराज से संबद्ध रखा जाएगा।
शासन ने मामले की विभागीय जांच की जिम्मेदारी उप आबकारी आयुक्त, मेरठ प्रभार को सौंपी है। जांच अधिकारी को नियमानुसार जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोप-पत्र अलग से जारी किया जाएगा। वहीं, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में शिथिलता और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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