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BJP vs Shiv Sena: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन की अंदरूनी रार को खुलकर सड़क पर ला दिया है. चुनाव में मिली शिकस्त के बाद भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सीधी जंग छिड़ गई है, जहां दोनों दल हार का ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोड़ रहे हैं.

बड़े भाई की जिम्मेदारी निभाए बीजेपी: MLC चुनाव में हार के बाद महायुति में रारZoom

संजय निरुपम ने माना कि चुनाव के दौरान सहयोगी दलों में तालमेल की कमी रही. (फाइल फोटो)

BJP vs Shiv Sena: महाराष्ट्र में MLC चुनाव में हार के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) आमने-सामने आ गए हैं. चुनावी नतीजों के बाद दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं. गठबंधन में समन्वय की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ काम करने के आरोपों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है. शिवसेना नेता संजय निरुपम ने गठबंधन में शिवसेना पर लगाए जा रहे आरोपों पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि महायुति को मजबूत करने की जिम्मेदारी तीनों पार्टियों की है. फ्रेंडली फाइट की स्थिति में सभी दलों को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए और उसके बाद निर्णय लेना चाहिए.

निरुपम ने कहा कि बीजेपी और शिवसेना के बीच तालमेल की कमी थी, जिस पर सभी दलों को साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि वह नागपुर में प्रभारी थे, लेकिन उनसे एक बार भी चर्चा नहीं की गई. उन्होंने कहा कि तीनों पार्टियां साथ रहेंगी, तभी गठबंधन मजबूत होगा. संजय निरुपम ने एकनाथ शिंदे का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा बीजेपी का साथ दिया है. हिंदू विरोधी ताकतों को सत्ता से दूर रखने के लिए भी शिंदे ने बीजेपी का साथ दिया है.

निरुपम ने कहा कि गठबंधन में समन्वय स्थापित करने की पहली और सबसे बड़ी जिम्मेदारी बड़े दल की होती है. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की जिम्मेदारी अधिक थी. उन्होंने कहा कि जब तक तीनों सहयोगी दल एकजुट रहेंगे, तब तक उनकी राजनीतिक ताकत बनी रहेगी. लेकिन यदि वे एक-दूसरे के खिलाफ लड़ेंगे, तो उनकी कमजोरियां सामने आएंगी. ऐसी स्थिति का फायदा महाविकास अघाड़ी, शरद पवार और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों के नेता उठा सकते हैं.

बीजेपी ने शिवसेना पर लगाए आरोप
दूसरी तरफ, बीजेपी नेता नवनाथ बन ने शिवसेना पर पलटवार किया है. उन्होंने शिवसेना नेता और विधायक रविंद्र धंगेकर की एक चिट्ठी दिखाते हुए दावा किया कि पुणे में बीजेपी के खिलाफ काम करने के निर्देश दिए गए थे. उन्होंने इसे शिवसेना की आधिकारिक चिट्ठी बताया. नवनाथ बन ने संजय निरुपम से इस मामले में जवाब मांगा और सवाल किया कि क्या एकनाथ शिंदे अपने विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. उन्होंने दावा किया कि अगर पुणे और संभाजीनगर में शिवसेना ने बीजेपी का साथ दिया होता, तो उनकी पार्टी चुनाव जीत सकती थी.

नागपुर में हार पर भी मंथन की जरूरत
बीजेपी नेता ने कहा कि नागपुर में हार को लेकर भी चिंतन करने की जरूरत है, क्योंकि वहां कांग्रेस के नेता पहले भी जीतते रहे हैं. उन्होंने गठबंधन के भीतर मतभेदों को स्वीकार करते हुए कहा कि आपसी दरारें हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि तीनों दलों के प्रमुख इन मतभेदों को खत्म करेंगे. MLC चुनाव में हार के बाद महायुति के दोनों प्रमुख सहयोगियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

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राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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