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  • दो दिवसीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने परखी कानूनी शोध और न्यायालय में पक्ष रखने की क्षमता
  • सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं ने फाइनल में किया प्रतिभागियों का मूल्यांकन, अनुभव साझा कर बढ़ाया उत्साह
  • एलएलबी की टीम ने जीता खिताब, बीए एलएलबी की टीम रही उपविजेता; उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मिला सम्मान

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। विधि की पढ़ाई केवल कानूनों और धाराओं को समझने तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय में तथ्यों के आधार पर प्रभावी ढंग से पक्ष रखना, कानूनी बिंदुओं पर तर्क देना और सटीक शोध करना भी इसका अहम हिस्सा है। इसी व्यावहारिक समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से हरलाल स्कूल ऑफ लॉ, एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में 27 और 28 अक्टूबर को इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। दो दिवसीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कानूनी समझ, तार्किक क्षमता, शोध कौशल और न्यायालयीन प्रस्तुतीकरण का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में एलएलबी की टीम ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया, जबकि बीए एलएलबी की टीम उपविजेता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन एच.एस. बंसल, सेक्रेटरी अनिल बंसल, ज्वाइंट सेक्रेटरी अनमोल बंसल, ग्रुप डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. विक्रांत चौधरी और प्रिंसिपल डॉ. रमा दत्त उपस्थित रहे।

गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में आयोजित प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करने का अवसर दिया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी शोध, तर्क-वितर्क, वकालत और न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण के कौशल को विकसित करना था। मूट कोर्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को न्यायालय जैसी प्रक्रिया में अपनी दलीलें रखने, तथ्यों और कानूनी पहलुओं को समझने तथा अपने विचारों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिला। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को भविष्य में अधिवक्ता और विधि क्षेत्र के अन्य पेशों की जिम्मेदारियों को समझने में मदद मिलती है। प्रतियोगिता के अंतिम दौर में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अनुज द्विवेदी और अधिवक्ता आदित्य प्रताप सिंह निर्णायक मंडल के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया और विद्यार्थियों की दलीलों, शोध तथा प्रस्तुतीकरण को परखा।

दोनों अधिवक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया और उन्हें विधिक क्षेत्र में निरंतर अध्ययन, तथ्यों की गहरी समझ तथा तार्किक तैयारी के महत्व से परिचित कराया। प्रतियोगिता के परिणामों में एलएलबी के शिवम, नित्तिन और रितु की टीम ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, बीए एलएलबी के कन्हैया, नंदनी और साक्षी की टीम उपविजेता रही। व्यक्तिगत और विशेष श्रेणियों में भी विद्यार्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया गया। एलएलबी के शिवम ठाकुर को सर्वश्रेष्ठ म्यूटर चुना गया।

बीए एलएलबी के कन्हैया और खुशी ने सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का सम्मान हासिल किया, जबकि इसी पाठ्यक्रम की आयुषी, अनुष्का और रचना की टीम को सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल के लिए चुना गया। आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को परखने के साथ-साथ कमियों को समझने और उनमें सुधार करने का अवसर भी दिया। प्रतियोगिता के दौरान कानूनी शोध, तथ्यों के विश्लेषण, प्रभावशाली तर्क और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने जैसे पहलुओं का महत्व सामने आया। संस्थान की ओर से इस आयोजन को गुणवत्तापूर्ण विधिक शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

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