Image Slider

होमताजा खबरदेश‘इस्तीफा देकर मंत्री बनना सियासत का हिस्सा’: AIADMK के बागी MLA को राहत

Last Updated:

Supreme Court News: तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक का दामन छोड़कर सत्तारूढ़ टीवीके की नाव पर सवार हुए छह बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है. पार्टी व्हिप की धज्जियां उड़ाने और इस्तीफा देकर पाला बदलने वाले इन नेताओं को पांच साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका को शीर्ष अदालत ने सीधे खारिज कर दिया.

'इस्तीफा देकर मंत्री बनना सियासत का हिस्सा': AIADMK के बागी MLA को राहतZoom

सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा मद्रास हाईकोर्ट का आदेश. (पीटीआई)

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने 26 अक्टूबर को अन्नाद्रमुक के छह विधायकों के खिलाफ दायर एक याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट देने के बाद स्वेच्छा से विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और बाद में सत्तारूढ़ ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) में शामिल हो गए थे. प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने वकील के. सुथन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका में मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत सुथन की जनहित याचिका खारिज कर दी गई थी.

पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा, “कोई इस्तीफा देता है और मंत्री बन जाता है, यह राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है.” हाईकोर्ट ने 24 सितंबर को जनहित याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें ‘चुनाव व्यय सुरक्षा’ तंत्र बनाने और अन्नाद्रमुक छोड़कर जाने वाले छह सदस्यों को पांच साल के लिए अयोग्य घोषित करने का आग्रह किया गया था. अदालत ने कहा कि विधानसभा सीट से इस्तीफा देने का अधिकार संवैधानिक व्यवस्था का ही एक हिस्सा है, और न्यायिक आदेश के जरिए इस पर कानून से बाहर की कोई अतिरिक्त शर्तें नहीं थोपी जा सकतीं.

मद्रास हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर को तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें उन्होंने अन्नाद्रमुक के छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे. ये विधायक बाद में सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए थे. उसने विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया था कि वह अन्नाद्रमुक के सचेतक कृष्णमूर्ति की उस याचिका पर दो महीने के भीतर फैसला लें, जिसमें एस जयकुमार, मारागथम कुमारवेल, पी सत्यभामा और एसक्की सुबैया को विधानसभा से अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया गया है.

क्रमशः पेरुंदुरई, मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों से चुने गए एस जयकुमार, मारागथम कुमारवेल और पी सत्यभामा ने 25 मई, 2026 को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. अंबासमुद्रम निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित एसक्की सुबैया ने इसके अगले दिन इस्तीफा दिया था, जबकि सी. विजयभास्कर (विरालिमालाई) और एम. आर. विजयभास्कर (करूर) ने क्रमशः 16 और 29 जून को इस्तीफा दिया था. वे सभी अप्रैल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक के टिकट पर चुने गए थे. इस्तीफा देने के बाद, वे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके में शामिल हो गए.

छह अक्टूबर को हुए उपचुनाव में, टीवीके उम्मीदवारों के तौर पर मारागथम कुमारवेल और सत्यभामा ने क्रमशः मदुरांतकम तथा धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल की. पीठ ने कृष्णमूर्ति की याचिका, और साथ ही ‘देसिया मक्कल शक्ति काची’ द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया था. इसने कहा कि विधायकों द्वारा सौंपे गए इस्तीफे स्वेच्छा से दिए गए थे, और ये संविधान की 10वीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुरूप थे.

About the Author

authorimg

राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||