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Gold Hallmarking : बीआईएस ने सोने की ज्वैलरी पर हालमार्किंग के लिए सेंटर खोलने वालों को 75 फीसदी तक मदद देने की बात कही है. बीआईएस ने इसके लिए 18 नवंबर तक आवेदन मांगे हैं. अगर कोई हालमार्किंग सेंटर खोलना चाहता है तो उसे लागत और कमाई का आकलन भी पहले ही कर लेना चाहिए. बीआईएस की ओर से मिलने वाली मदद अलग-अलग कैटेगरी में दी जाएगी.

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सोने का हॉलमार्किंग सेंटर खोलने पर सरकार देगी 75% मदद! कितना खर्चा और कमाई Zoom

बीआईएस ने हालमार्किंग सेंटर बनाने के लिए सब्सिडी देने का ऐलान किया है.

नई दिल्ली. सरकार ने ज्वैलरी की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए देशभर में सोने पर हालमार्किंग अनिवार्य कर दी है. अब हालमार्किंग सेंटर खोलने वालों को भी सरकार ने मदद देने का ऐलान किया है. ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी बीआईएस ने साल 2026 से 31 तक के लिए गोल्ड अस्सेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर (AHC) खोलने के लिए एक्प्रेसन ऑफ इंट्रेस्ट मांगा है. बीआईएस ने कहा है कि देश के ऐसे जिलों में सेंटर खोलने पर मिलेगी सहायता, जहां पहले से कोई हॉलमार्किंग सेंटर नहीं है.

बीआईएस के मुताबिक, अगर सामान्य क्षेत्रों में निजी सेंटर खोला जाता है तो मशीनरी लागत का 30% और PSU को 50% सहायता दी जाएगी. इसके अलावा पूर्वोत्तर, विशेष श्रेणी वाले राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी सेंटर को 50% और PSU को 75% सहायता दी जाएगी. इसका फायदा उठाने के लिए शर्त यह है कि सेंटर के आवेदक या प्रमोटर का ज्वेलरी कारोबार या मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ाव नहीं होना चाहिए. सहायता पाने के लिए BIS से सेंटर की मान्यता जरूरी होगी और आवेदन करने के साथ ही 1,000 रुपये + GST प्रोसेसिंग फीस के तौर पर देना होगा. EOI की अंतिम तारीख 18 नवंबर 2026 है, क्योंकि बीआईएस ने 19 अक्टूबर को ही इसे जारी कर दिया है.

हालमार्किंग सेंटर चलाने के लिए कितनी फीस लगेगी

  • हालमार्किंग सेंटर खोलने के लिए 5,000 रुपये का आवेदन शुल्क लगता है.
  • इसके अलावा 5,000 रुपये प्रति मैन डे के हिसाब से आकलन शुल्क देना पड़ता है.
  • 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में 3 साल के लिए मान्यता शुल्क 60 हजार रुपये है.
  • अन्य सभी छोटे शहरों में 3 साल के लिए मान्यता शुल्क 40 हजार रुपये रखा गया है.

हालमार्किंग सेंटर खोलने का कितना खर्चा
हालमार्किंग सेंटर खोलने के लिए XRF गोल्ड टेस्टिंग मशीन सबसे महंगी आती है, जिसकी कीमत 15 से 30 लाख तक हो सकती है. इसके अलावा 5 से 8 लाख की लेजर मार्किंग मशीन, 2 से 3 लाख की इलेक्ट्रॉनिक बैलेंस मशीन, 5 से 7 लाख की लैब इंटीरियर, वेंटिलेशन और बिजली बैकअप लगता है. इसके अलावा 2 से 3 लाख रुपये सुरक्षा, कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर पर खर्च होता है. सेंटर खोलने के लिए सालाना 4 से 8 लाख का किराया और 1 से 2 लाख की फीस. कुल करीब 40 से 70 लाख रुपये लग जाते हैं सेंटर खोलने में.

बीआईएस सेंटर से कमाई कितनी
बीआईएस ने 14 सितंबर, 2026 को हालमार्किंग सेंटर से जुड़े नियमों में बदलाव किया था. इसके तहत सोने की एक ज्वैलरी पर हालमार्क लगाने के लिए ज्वैलर्स को 75 रुपये देने पड़ते हैं, जबकि बीआईएस इन सेंटरों से सिर्फ 7.50 रुपये प्रति आर्टिकल लेता है. मान लीजिए कि एक सेंटर पर प्रतिदिन 100 ज्वैलरी आती है तो कुल कमाई करीब 7,500 रुपये होगी और महीने की 1.95 लाख रुपये कमाई होगी.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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