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  • जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में हाईवे से गांवों तक 24 घंटे निगरानी, लाइसेंसी दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की भी जांच
  • बिना लाइसेंस शराब परोसने वालों को चेतावनी, ढाबों, होटलों, बार और रेस्टोरेंट में छापेमारी तेज
  • क्लब टकीला में फर्जी क्यूआर कोड और लेबल से शराब परोसने का आरोप, संचालक-मैनेजर समेत छह गिरफ्तार

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। त्योहारों की रौनक और आगामी चुनावी गतिविधियों के बीच अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग ने निगरानी और प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। बाहरी राज्यों से शराब की तस्करी रोकने से लेकर लाइसेंसी दुकानों पर स्टॉक की जांच और क्लबों में परोसी जा रही शराब की गुणवत्ता की पड़ताल तक, विभाग ने कई स्तरों पर कार्रवाई की रणनीति बनाई है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के नेतृत्व में टीमें हाईवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख मार्गों, ढाबों, होटलों और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। वहीं लाइसेंसी शराब की दुकानों पर औचक निरीक्षण कर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री के रिकॉर्ड, पीओएस मशीन और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। विभाग की इस सक्रियता का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढऩे वाली मांग का फायदा उठाकर होने वाली अवैध बिक्री, शराब की तस्करी और नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाना है।

आबकारी विभाग की रणनीति केवल अवैध शराब पकडऩे तक सीमित नहीं है, बल्कि लाइसेंसधारकों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर निरीक्षण टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए लगाया गया है। विभाग की कार्यशैली में मैदानी निगरानी, अचानक जांच, ग्राहकों से सीधा संवाद और पुलिस के साथ समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान ने कहा कि त्योहारों और आगामी चुनावी गतिविधियों के दौरान अवैध शराब की बिक्री, तस्करी और नियमों के उल्लंघन को रोकना विभाग की प्राथमिकता है।

इसके लिए टीमों को लगातार निगरानी, नियमित निरीक्षण और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंसधारी दुकानों, बार, क्लबों और रेस्टोरेंट में भी नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि अवैध शराब की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

हाईवे से ढाबों तक निगरानी, संदिग्ध वाहनों पर पैनी नजर
त्योहारी सीजन और चुनाव से पहले बाहरी राज्यों से अवैध शराब लाए जाने की आशंका को देखते हुए आबकारी विभाग की टीमें प्रमुख मार्गों और हाईवे पर सघन चेकिंग अभियान चला रही हैं। संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ ढाबों, होटलों और अन्य ऐसे स्थानों पर भी निगरानी रखी जा रही है, जहां नियमों के विपरीत शराब परोसे जाने की आशंका है। विभाग की ओर से ढाबा और होटल संचालकों से सहयोग की अपील की जा रही है। उन्हें कहा जा रहा है कि यदि कोई संदिग्ध वाहन अवैध शराब लेकर उनके यहां रुकता है, तो इसकी सूचना तत्काल आबकारी विभाग को दें।

बिना जरूरी लाइसेंस या अनुमति के शराब परोसने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें लगातार भ्रमण कर संदिग्ध स्थानों की पहचान कर रही हैं। जंगलों, खेतों, बागों, तालाबों और झाडिय़ों की आड़ में अवैध शराब तैयार किए जाने की आशंका वाले स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है। जरूरत पडऩे पर पुलिस के सहयोग से संयुक्त दबिश देकर अवैध कारोबार के नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है।

दुकानों के स्टॉक से लेकर क्यूआर कोड तक की जांच
लाइसेंसी शराब की दुकानों पर भी विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के नेतृत्व में निरीक्षण के दौरान उपलब्ध शराब का स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रिकॉर्ड से मिलान किया जा रहा है। पीओएस मशीन के संचालन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य जरूरी अभिलेखों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि बिना रिकॉर्ड का माल रखने या बिक्री में अनियमितता की आशंका को दूर किया जा सके। वर्ष 2024-25 से पहले के स्टॉक की भी जांच की जा रही है, जिससे पुराने माल की बिक्री नियमानुसार होने की पुष्टि की जा सके।

मंगलवार को आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह, राहुल सिंह, रिचा सिंह, रेखा श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, प्रदीप शुक्ला, अखिलेश चौधरी, नेहा सिंह, मोनिका यादव, रामश्याम त्रिपाठी, शिखर मल्ल, विजय राठी और संजय पाण्डेय ने अपने-अपने क्षेत्रों में दुकानों का निरीक्षण किया। टीमों ने ग्राहकों से भी बातचीत कर निर्धारित मूल्य पर बिक्री, विक्रेताओं के व्यवहार और सेवा संबंधी जानकारी ली। ग्राहकों को बताया गया कि यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो दुकान के बाहर प्रदर्शित आबकारी अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर शिकायत की जा सकती है।

क्लब टकीला में कथित फर्जी क्यूआर कोड से नकली शराब का भंडाफोड़
आबकारी विभाग की कार्रवाई में विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग के क्लब टकीला में कथित तौर पर फर्जी क्यूआर कोड और नकली लेबल लगी शराब परोसने का मामला सामने आया। विभाग को सूचना मिली थी कि क्लब में महंगे ब्रांड की बोतलों पर फर्जी क्यूआर कोड और लेबल लगाकर ग्राहकों को शराब परोसी जा रही है। सूचना के आधार पर आबकारी निरीक्षक अरविंद बघेल की टीम ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की। बताया गया कि पहले टीम के एक सदस्य को ग्राहक बनाकर क्लब के भीतर भेजा गया और सूचना की पुष्टि की गई। इसके बाद टीम ने मौके पर जांच की।

जांच के दौरान विभिन्न ब्रांड की शराब की बोतलें और बीयर के कैन बरामद किए गए। विभाग के अनुसार, बरामद शराब की कीमत 50 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान क्लब संचालक और मैनेजर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। विभाग इस कार्रवाई को लाइसेंस की आड़ में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती के रूप में देख रहा है। आबकारी विभाग की ओर से त्योहारों और चुनावी गतिविधियों के मद्देनजर अभियान जारी रखने की तैयारी है। विभाग का जोर तस्करी रोकने, लाइसेंसी प्रतिष्ठानों में पारदर्शिता बनाए रखने और ग्राहकों को निर्धारित मूल्य पर नियमानुसार शराब उपलब्ध कराने पर है।

शराब की बोतलों पर फर्जी क्यूआर कोड और नकली लेबल लगाकर ग्राहकों को शराब परोस रहे थे। मौके से ग्रे गूज, ब्लैक लेबल, बैलेंटाइंस, ग्लेनफिडिच, रेड लेबल, जैगरमास्टर, जेम्सन, शिवास रीगल और एब्सोल्यूट सहित विभिन्न ब्रांड की बोतलें बरामद की गई। इसके अलावा सुला स्पार्कलिंग वाइन, मैजिक मोमेंट वोदका और विभिन्न ब्रांड की बीयर के कैन भी बरामद किए गए। जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये से अधिक है। मौके से विशाल सिंह, मनीष मिश्रा, अनुराग शुक्ला, अमित सिंह, सचिन वर्मा और सिमरान को गिरफ्तार किया गया।

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