-महा सप्तमी पर चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता ने परिवार सहित किया हवन-पूजन, मां भगवती से मांगा देश की खुशहाली का आशीर्वाद
-ऋषिकेश से आए नौ विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराया अनुष्ठान, भक्तिमय हुआ समरकूल परिसर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर समरकूल होम एप्लायंसेज लिमिटेड परिसर स्थित मां भगवती के मंदिर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ का शनिवार को महा सप्तमी के दिन विधि-विधान के साथ भव्य समापन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन और पूजन के बीच संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में समरकूल के चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हुए। उन्होंने मां भगवती की आराधना कर महायज्ञ में आहुति अर्पित की और देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि तथा कल्याण की कामना की। समरकूल प्रतिष्ठान में प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन से शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया। चेयरमैन संजीव कुमार गुप्ता ने नवरात्र के पहले दिन से ही विधि-विधान के साथ महायज्ञ के विभिन्न अध्यायों का पूजन किया। पूरे नवरात्र धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ अनुष्ठान की परंपरा का निर्वहन किया गया।
शनिवार को महा सप्तमी के पावन अवसर पर हवन-पूजन के साथ महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। शतचंडी महायज्ञ प्रसिद्ध पंडित दिलीप शास्त्री के सानिध्य में संपन्न कराया गया। इस अवसर पर ऋषिकेश से पधारे नौ विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ धार्मिक अनुष्ठान कराया। मंत्रों की गूंज और हवन में दी गई आहुतियों से पूरा समरकूल परिसर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए पूजा-अर्चना की। महायज्ञ के दौरान वैदिक परंपराओं के अनुसार पूजन और हवन किया गया। वातावरण में गूंजते मंत्रों के बीच भक्तों ने मां भगवती का स्मरण कर सुख-शांति और मंगल की कामना की।
नवरात्र के दौरान आयोजित इस अनुष्ठान ने परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बनाया। महा सप्तमी पर महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ धार्मिक कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। महायज्ञ के समापन अवसर पर संजीव कुमार गुप्ता अपने पूरे परिवार के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धापूर्वक हवन में आहुति दी और मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से देश और समाज के कल्याण की कामना भी की गई। शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मां भगवती से समस्त देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य, खुशहाली और निरंतर उन्नति का आशीर्वाद मांगा गया। साथ ही समरकूल कंपनी की उत्तरोत्तर प्रगति और कारोबार में निरंतर सफलता की कामना की गई।
समरकूल परिसर में नवरात्र के प्रथम दिन से चल रहे शतचंडी महायज्ञ का समापन धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुरूप किया गया। पंडित दिलीप शास्त्री के मार्गदर्शन और नौ विद्वान आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुए अनुष्ठान में मां भगवती की आराधना को विशेष महत्व दिया गया। महा सप्तमी के अवसर पर हवन-पूजन के साथ पूर्णाहुति देकर सभी के कल्याण की कामना की गई। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सकारात्मकता, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ाना रहा। वैदिक मंत्रों और हवन की आहुतियों के बीच संपन्न हुए इस महायज्ञ ने समरकूल परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
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